योगी आदित्यनाथ के बजरंग बली को दलित कहने वाले ब्यान पर तीन दिन के भीतर मांफी मागने का अल्टीमेटम

राजस्थान विधानसभा चुनाव में जाति-धर्म को लेकर खूब राजनीति हो रही है.  इसी दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भगवान बजरंगबली को दलित और वंचित करार दिया. उसके बाद कई हिंदू सगठनों को आदित्यनाथ का यह बयान रास नहीं आया है। राजस्थान के सर्व ब्राह्मण समाज ने योगी आदित्यनाथ के खिलाफ नोटिस भेज दिया है। इस नोटिस में योगी आदित्यनाथ से माफी मांगने को कहा गया है। गौर करने वाली बात है कि योगी आदित्यनाथ ने बजरंग बली को दलित कहा था और कहा था कि जो रामभक्त हैं वह भाजपा को वोट देंगे जबकि रावण भक्त कांग्रेस को वोट देंगे।

बजरंगबली का अपमान होने से करोड़ों देशवासियों की भावना आहत हुई है। योगी को इसके लिये तुरंत माफी मांगनी चाहिए। तीन दिन में मांफी नहीं मांगने पर पर कानूनी कार्यवाही की जायेगी।

शंकराचार्य ने कहा, ''भगवान को दलित कहना यह स्वयं अपराध और पाप है, क्योंकि हमारे यहां दलित नाम का कोई शब्द नहीं था. दलित का अर्थ होता है कि जिसके साथ अत्याचार हुआ हो, जो अत्याचार से पीड़ित हो.''

समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेश मिश्रा ने अपने वकील के जरिए भेजे नोटिस में योगी आदित्यनाथ से इस मामले में माफी मांगने को कहा है और तीन दिन में ऐसा नहीं करने पर कानूनी कार्रवाई की धमकी दी है.

योगी के बयान के बाद सोशल मीडिया पर उनकी खूब आलोचना तो हो ही रही है साथ ही उनके इस बयान से संत समाज भी नाराज है. पीठाधीश्वर शारदा द्वारिका पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा कि सीएम योगी आदित्यनाथ ने पाप कर्म किया है. बजरंगबली कैसे दलित समुदाय से ताल्लुक रखते थे अब यह मुख्यमंत्री बताने का कष्‍ट करें. योगी ने यह कहकर पाप किया है.

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