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चेन्नई में सोने की कीमतों में भारी उछाल: सुरक्षित निवेश की तलाश में निवेशक

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साल 2026 के पहले पूर्ण सप्ताह की शुरुआत के साथ ही चेन्नई के सर्राफा बाजार में मंगलवार, 6 जनवरी को सोने की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखी गई। वैश्विक भू-राजनीतिक अस्थिरता और सुरक्षित निवेश (Safe-haven) की बढ़ती मांग के कारण सोने के दाम सभी श्रेणियों में रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गए हैं।

आज सुबह के बाजार आंकड़ों के अनुसार, चेन्नई में 24-कैरेट सोने की कीमत 13,921 रुपये प्रति ग्राम तक पहुंच गई है। वहीं, आभूषणों के लिए सबसे अधिक मांग वाले 22-कैरेट सोने की कीमत 12,761 रुपये प्रति ग्राम रही। इसके अलावा, 18-कैरेट सोना भी तेजी के साथ 10,651 रुपये प्रति ग्राम पर कारोबार कर रहा है। एक ही सत्र में लगभग 1.8% की यह वृद्धि स्थानीय खरीदारों और निवेशकों के लिए चिंता का विषय बन गई है।

वेनेजुएला संकट: वैश्विक अस्थिरता का मुख्य कारण

सोने की कीमतों में इस अचानक उछाल का मुख्य कारण कैरिबियन क्षेत्र में चल रहा राजनीतिक तनाव है। जनवरी 2026 के शुरुआती सप्ताहांत में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के कारण वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पद से हटा दिया गया। इस घटना ने वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता पैदा कर दी है।

निवेशकों को डर है कि इस कार्रवाई से लैटिन अमेरिका में अस्थिरता बढ़ सकती है। इसके अलावा, अमेरिकी प्रशासन द्वारा वेनेजुएला के तेल संसाधनों पर अस्थायी नियंत्रण की घोषणा ने भी बाजार की चिंता बढ़ा दी है।

बाजार विशेषज्ञ प्रवीण सिंह (मीरा एसेट शेयरखान) के अनुसार:

“वेनेजुएला के नेता मादुरो को हटाए जाने से भू-राजनीतिक जोखिम बढ़ गए हैं, जिससे सोने में सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ी है। आने वाले समय में वैश्विक केंद्रीय बैंकों द्वारा अपने विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी बढ़ाने से कीमतों में और तेजी आने की उम्मीद है।”

घरेलू कारक: शादियों का सीजन और कमजोर रुपया

चेन्नई जैसे शहरों में, जहां सोने की खपत पारंपरिक रूप से अधिक है, संक्रांति के बाद शुरू होने वाला शादियों का सीजन भी मांग को मजबूती दे रहा है। इसके साथ ही, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये का गिरकर 90.16 के स्तर पर पहुंचना भी घरेलू कीमतों में वृद्धि का एक बड़ा कारण है। चूंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना डॉलर में खरीदा जाता है, इसलिए रुपये की कमजोरी इसे भारतीय ग्राहकों के लिए और महंगा बना देती है।

शुद्धता का गणित: 24K बनाम 22K

बढ़ती कीमतों के बीच ग्राहक अब शुद्धता और कीमत के अंतर को बारीकी से समझ रहे हैं।

भविष्य का अनुमान: क्या जारी रहेगी यह तेजी?

विशेषज्ञों का मानना है कि 2026 में सोने की चमक बरकरार रहेगी। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) के अनुसार, केंद्रीय बैंकों की निरंतर खरीदारी कीमतों को सहारा देगी। हालांकि, विशेषज्ञों ने निवेशकों को सलाह दी है कि वे एकमुश्त खरीदारी के बजाय ‘किश्तों में खरीदारी’ (Staggered buying) की रणनीति अपनाएं, ताकि बाजार की अस्थिरता के जोखिम को कम किया जा सके।

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