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अमेरिका-ईरान तनाव से शेयर बाजार गिरा, सेंसेक्स 670 अंक टूटा

अमेरिका-ईरान तनाव से शेयर बाजार गिरा, सेंसेक्स 670 अंक टूटा - SamacharToday.co.in

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर सोमवार को भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिला। वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के बीच घरेलू इक्विटी बाजार गिरावट के साथ खुले। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 670.12 अंक यानी 0.86 प्रतिशत टूटकर 76,899.27 पर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 50 192.15 अंक यानी 0.79 प्रतिशत फिसलकर 24,014.75 के स्तर पर कारोबार करता दिखा।

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष तेज होने तथा युद्धविराम समाप्त होने की खबरों ने वैश्विक निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। इससे ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बनी है, जिसका सीधा असर अंतरराष्ट्रीय वित्तीय बाजारों और निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता पर पड़ा है। इसी कारण सोमवार को एशियाई बाजारों के साथ भारतीय बाजारों में भी बिकवाली का दबाव देखने को मिला।

बैंकिंग और बाजार विशेषज्ञ अजय बग्गा ने कहा कि भारतीय शेयर बाजार ने पिछले सप्ताह अच्छी रिकवरी दिखाई थी, लेकिन चार सप्ताह की लगातार तेजी का सिलसिला मामूली साप्ताहिक गिरावट के साथ समाप्त हुआ। उन्होंने बताया कि सुबह के संकेत पहले से ही कमजोर शुरुआत की ओर इशारा कर रहे थे।

हालांकि, उन्होंने भारतीय बाजारों के दीर्घकालिक दृष्टिकोण को लेकर सकारात्मक रुख बनाए रखा। उनके अनुसार, मजबूत घरेलू निवेश, कंपनियों के बेहतर आय परिणाम और पिछले दो वर्षों के अपेक्षाकृत कमजोर प्रदर्शन के बाद भारतीय बाजारों में आगे भी खरीदारी के अवसर बने रहेंगे। उन्होंने निवेशकों को गिरावट के दौरान मजबूत कंपनियों में निवेश की रणनीति अपनाने की सलाह दी।

भारतीय बाजारों की कमजोरी का असर एशियाई शेयर बाजारों में भी दिखाई दिया। जापान का निक्केई 225 और दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक भी शुरुआती कारोबार में लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। निवेशकों की नजर अब मध्य पूर्व के घटनाक्रम और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर बनी हुई है।

इस बीच, मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड की कीमत लगभग 4.01 प्रतिशत बढ़कर 79.06 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई, जबकि डब्ल्यूटीआई क्रूड भी 4 प्रतिशत की तेजी के साथ 74.27 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा। दूसरी ओर, सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने की कीमत में 1.49 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 4,059.73 डॉलर प्रति औंस पर आ गया।

वेंचुरा सिक्योरिटीज के रिसर्च प्रमुख विनीत बोलिंजकर ने कहा कि जुलाई के पहले सप्ताह में विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने नकद बाजार में 3,421 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है। उनका मानना है कि वैश्विक संकेतों में सुधार, पहली तिमाही के बेहतर नतीजों की उम्मीद और वित्तीय तथा ऑटो शेयरों में चुनिंदा खरीदारी के कारण एफआईआई का रुख सकारात्मक हुआ है। हालांकि, भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता और भू-राजनीतिक घटनाक्रम अभी भी बाजार की दिशा तय करेंगे।

तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, निफ्टी के लिए 23,700 से 23,800 का स्तर मजबूत समर्थन माना जा रहा है, जबकि 24,200 से 24,300 के बीच प्रमुख प्रतिरोध देखा जा रहा है। विशेषज्ञों ने निवेशकों को मजबूत बुनियादी आधार वाली बड़ी कंपनियों पर ध्यान केंद्रित करने और चुनिंदा शेयरों में निवेश की सलाह दी है।

शुरुआती कारोबार में इंडिगो, टाटा स्टील और मारुति सुजुकी के शेयर सबसे अधिक दबाव में रहे। वहीं टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), ओएनजीसी और एनटीपीसी के शेयर बढ़त के साथ कारोबार करते दिखाई दिए।

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