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अमेरिका ने ईरान पर फिर किए हमले, तनाव और बढ़ा

अमेरिका ने ईरान पर फिर किए हमले, तनाव और बढ़ा - SamacharToday.co.in

होरमुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों के बाद अमेरिका ने रविवार को ईरान के खिलाफ एक और बड़े सैन्य अभियान की शुरुआत कर दी। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि ईरानी बलों द्वारा अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग से गुजर रहे व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई। लगातार तीसरे दिन हुए इन हमलों से दोनों देशों के बीच पहले से ही नाजुक संघर्ष विराम पर गंभीर असर पड़ा है और पूरे मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ गया है।

सेंटकॉम के अनुसार, भारतीय समयानुसार देर रात शुरू किए गए इस अभियान का उद्देश्य ईरान की उन सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना है, जिनका उपयोग अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों से गुजरने वाले नागरिक जहाजों और नाविकों पर हमले के लिए किया जा सकता है। अमेरिकी सेना ने कहा कि राष्ट्रपति के निर्देश पर यह कार्रवाई ईरान को उसकी गतिविधियों के लिए जवाबदेह ठहराने के उद्देश्य से की गई है।

अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में यह ईरान पर अमेरिका की तीसरी सैन्य कार्रवाई है। नवीनतम हमलों में होरमुज जलडमरूमध्य और ईरान के दक्षिणी तटीय क्षेत्रों के आसपास स्थित कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। इससे पहले भी अमेरिका ईरानी मिसाइल ठिकानों, वायु रक्षा प्रणालियों और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसैनिक क्षमताओं पर हमले कर चुका है।

इसी दौरान अमेरिकी सेना ने आरोप लगाया कि ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने होरमुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे वाणिज्यिक जहाजों पर हमला किया। सेंटकॉम के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने बताया कि अमेरिकी वायुसेना ने ईरान द्वारा दागी गई एक क्रूज मिसाइल और एक हमलावर ड्रोन को सफलतापूर्वक मार गिराया। उन्होंने कहा कि अमेरिका अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और नागरिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाता रहेगा।

ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, अमेरिकी हमलों के दौरान जास्क, क़ेश्म, बंदर अब्बास और सिरिक सहित होर्मोज़गान प्रांत के कई इलाकों में जोरदार विस्फोट हुए। शुरुआती रिपोर्टों में किसी नागरिक की मौत या रिहायशी क्षेत्रों को बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

दूसरी ओर, ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई जारी रखी। सप्ताहांत के दौरान ईरानी हमलों में अमेरिका से जुड़े ठिकानों और क्षेत्र के कुछ देशों को निशाना बनाया गया। कुवैत सरकार ने बताया कि उसकी उत्तरी सीमा पर स्थित तीन चौकियों को नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा कुवैत ऑयल कंपनी के एक अपतटीय ड्रिलिंग प्लेटफॉर्म पर ड्रोन हमला हुआ, जिसमें एक कर्मचारी घायल हो गया।

ईरान ने दावा किया कि उसने कुवैत में मौजूद अमेरिकी हाई मोबिलिटी आर्टिलरी रॉकेट सिस्टम (HIMARS) लॉन्चरों को निशाना बनाया है। हालांकि, सेंटकॉम ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि क्षेत्र में किसी भी अमेरिकी सैनिक के मारे जाने या घायल होने की कोई पुष्टि नहीं हुई है।

इस बीच, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने दोनों देशों के बीच बढ़ती सैन्य कार्रवाई पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों, ईरान पर अमेरिकी हवाई कार्रवाई और पड़ोसी देशों पर हमलों की निंदा करते हुए कहा कि इन सभी सैन्य गतिविधियों को तुरंत रोका जाना चाहिए। गुटेरेस ने चेतावनी दी कि यदि पूर्ण पैमाने पर संघर्ष दोबारा शुरू होता है तो इसका असर पूरे मध्य पूर्व, वैश्विक अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर पड़ेगा। उन्होंने अमेरिका और ईरान से तत्काल बातचीत फिर शुरू करने और कूटनीतिक समाधान तलाशने की अपील की।

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