ईरान ने गुरुवार को अमेरिका द्वारा अपने दक्षिणी और पूर्वी प्रांतों पर किए गए हवाई हमलों के जवाब में खाड़ी क्षेत्र के कई पड़ोसी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया। इस घटनाक्रम ने दोनों देशों के बीच तीन सप्ताह पुराने युद्धविराम समझौते पर नए सिरे से संकट खड़ा कर दिया है।
इसी बीच, ईरान अपने दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की तैयारियों में भी जुटा हुआ है। खामेनेई को फरवरी में युद्ध की शुरुआत के दौरान अमेरिकी हवाई हमले में मार दिया गया था। उन्हें देश के सबसे पवित्र धार्मिक स्थलों में से एक मशहद स्थित इमाम रज़ा दरगाह परिसर में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। पिछले एक सप्ताह से पूरे ईरान में शोक यात्राएं और श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित की जा रही हैं।
अमेरिकी हमलों के बाद वैश्विक ऊर्जा बाजार में तनाव बढ़ा, हालांकि गुरुवार को कच्चे तेल की कीमतों में कुछ नरमी देखने को मिली। निवेशक इस बात का आकलन कर रहे हैं कि मौजूदा सैन्य कार्रवाई सीमित रहेगी या फिर युद्धविराम पूरी तरह समाप्त होने की ओर बढ़ रहा है।
अमेरिकी सेना ने कहा कि हालिया सैन्य अभियान का उद्देश्य स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खुला रखना था, क्योंकि ईरान ने इस क्षेत्र में तीन तेल टैंकरों को निशाना बनाया था। इससे कुछ घंटे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि उन्हें लगता है कि ईरान के साथ हुआ अंतरिम युद्धविराम अब प्रभावी नहीं रह गया है।
ईरानी अधिकारियों के अनुसार, 8 और 9 जुलाई को हुए अमेरिकी हमलों में पांच प्रांतों में कम से कम 14 लोगों की मौत हुई, जबकि 78 अन्य घायल हुए। ईरानी समाचार एजेंसी फार्स ने दावा किया कि एक अमेरिकी मिसाइल ने उस रेल पुल को भी निशाना बनाया, जिसका उपयोग रूस और चीन के साथ व्यापार के लिए किया जाता है।
गुरुवार सुबह बुशेहर प्रांत में कई विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। यह वही इलाका है जहां रूस की मदद से निर्मित ईरान का परमाणु ऊर्जा संयंत्र स्थित है।
कतर, कुवैत और बहरीन में अमेरिकी ठिकाने बने निशाना
ईरानी सेना ने सरकारी मीडिया के माध्यम से जारी बयान में कहा कि उसने कुवैत में अमेरिकी पैट्रियट मिसाइल सिस्टम, कतर में अमेरिकी सैन्य अर्ली वार्निंग स्टेशन तथा बहरीन में अमेरिकी सेना के ईंधन भंडारण केंद्र पर ड्रोन हमले किए।
कुवैत ने पुष्टि की कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने अपने हवाई क्षेत्र में एक क्रूज मिसाइल, तीन बैलिस्टिक मिसाइलों और 10 ड्रोन को रोक दिया। गिरते मलबे से एक व्यक्ति के घायल होने की भी जानकारी दी गई।
कतर, जहां अमेरिका का क्षेत्र का सबसे बड़ा सैन्य अड्डा स्थित है, ने सभी पक्षों से संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान की दिशा में लौटने की अपील की। कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी ने ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची से बातचीत के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों की भी निंदा की।
हालांकि ईरान ने जहाजों पर हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन कई अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का मानना है कि तेहरान इन घटनाओं का इस्तेमाल बातचीत में रणनीतिक दबाव बनाने के लिए कर रहा है।
ईरान के शीर्ष वार्ताकार मोहम्मद बाकिर क़ालिबाफ ने सोशल मीडिया पर कहा कि अमेरिका को अब यह समझ लेना चाहिए कि दबाव और समझौतों का उल्लंघन बिना किसी कीमत के संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि अमेरिका हमला करेगा तो उसे जवाबी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज केवल ईरान द्वारा तय व्यवस्थाओं के तहत ही पूरी तरह खोला जाएगा।
उधर अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि उसने ईरान के लगभग 90 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया, जिनमें वायु रक्षा प्रणाली, तटीय निगरानी केंद्र, मिसाइल और ड्रोन भंडारण स्थल, नौसैनिक संसाधन तथा सैन्य लॉजिस्टिक सुविधाएं शामिल थीं।
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर हुए हमलों के जवाब में की गई है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें नहीं लगता कि मौजूदा सैन्य कार्रवाई पूर्ण युद्ध का रूप लेगी और स्थिति जल्द नियंत्रण में आ सकती है।
इस बीच, इस सप्ताह हमले का शिकार हुआ कतर का एलएनजी टैंकर अल रेकय्यात अब भी ओमान के तट के पास फंसा हुआ है। जहाज के इंजन कक्ष में आग लगने के बावजूद अधिकारियों ने बताया कि उसके गैस कार्गो को तत्काल कोई खतरा नहीं है।
