भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र की तस्वीर बदलने वाले एक बड़े घटनाक्रम में, तकनीकी दिग्गज एप्पल ने आईफोन के लिए इस्तेमाल होने वाले चिप्स की असेंबली और पैकेजिंग के लिए भारतीय चिप निर्माताओं के साथ शुरुआती बातचीत शुरू की है। यदि यह बातचीत सफल रहती है, तो यह पहली बार होगा जब एप्पल अपने सबसे महत्वपूर्ण तकनीकी पुर्जों की पैकेजिंग के लिए भारतीय वेंडरों पर भरोसा करेगा। यह कदम भारत को एप्पल की वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) में एक नए और ऊंचे स्तर पर ले जाएगा।
उद्योग जगत के सूत्रों के अनुसार, मुरुगप्पा ग्रुप की कंपनी CG Semi इस चर्चा में शामिल प्रमुख नामों में से एक है। यह कंपनी गुजरात के साणंद में एक आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्ट (OSAT) सुविधा स्थापित कर रही है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि किन विशेष चिप्स की पैकेजिंग यहाँ होगी, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि ‘डिस्प्ले’ से संबंधित चिप्स पहली पसंद हो सकते हैं।
गुणवत्ता के कड़े मानक
एप्पल की आपूर्ति श्रृंखला का हिस्सा बनना आसान नहीं है। कंपनी अपने आपूर्तिकर्ताओं के लिए गुणवत्ता, श्रम अधिकार और पर्यावरणीय नैतिकता के बहुत कड़े मानक निर्धारित करती है। चर्चा से जुड़े एक व्यक्ति ने बताया, “एप्पल अपनी सप्लाई चेन के विभिन्न हिस्सों के लिए कई कंपनियों से बात करता है, लेकिन अंतिम सूची में बहुत कम कंपनियाँ ही जगह बना पाती हैं।” CG Semi के लिए सबसे बड़ी चुनौती एप्पल की विश्वसनीयता और उच्च उत्पादन क्षमता की शर्तों को पूरा करना होगा।
सेमीकंडक्टर क्षेत्र में बढ़ती गति
एप्पल की यह पहल भारत के सेमीकंडक्टर मिशन के लिए एक और बड़ी उपलब्धि है। हाल ही में, 8 दिसंबर 2025 को टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और अमेरिकी कंपनी इंटेल ने भी भारत में चिप निर्माण और पैकेजिंग के लिए एक रणनीतिक समझौता किया है। ये वैश्विक साझेदारियां दर्शाती हैं कि दुनिया अब विनिर्माण के लिए पूर्वी एशियाई देशों पर अपनी निर्भरता कम करना चाहती है।
साइबरमीडिया रिसर्च के उद्योग अनुसंधान समूह के उपाध्यक्ष प्रभु राम ने कहा, “जैसे-जैसे भारत वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स सप्लाई चेन में एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभर रहा है, एप्पल जैसे ब्रांडों को भारतीय चिप कंपनियों के साथ साझेदारी करने से विविधता और मजबूती मिलेगी।”
चिप पैकेजिंग का महत्व
सेमीकंडक्टर निर्माण में पैकेजिंग अंतिम और अत्यंत महत्वपूर्ण चरण है। इसमें नाजुक सिलिकॉन चिप को एक सुरक्षात्मक कवच में रखा जाता है जो इसे फोन के सर्किट बोर्ड से जुड़ने में मदद करता है। अच्छी पैकेजिंग न केवल चिप की सुरक्षा करती है, बल्कि फोन के प्रदर्शन और बैटरी लाइफ को भी बेहतर बनाती है। वर्तमान में, अधिकांश आईफोन चिप्स की पैकेजिंग चीन, ताइवान और दक्षिण कोरिया में होती है।
