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एआई विस्तार के बीच ओरेकल इंडिया में छंटनी

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भारतीय प्रौद्योगिकी क्षेत्र में इस वर्ष की सबसे बड़ी छंटनी में से एक के तहत, क्लाउड दिग्गज ओरेकल ने कथित तौर पर बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की कटौती शुरू कर दी है। टेक्सास स्थित यह कंपनी अपनी पूरी ताकत और संसाधन अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर की ओर मोड़ रही है। हालांकि कंपनी ने आधिकारिक तौर पर कुल संख्या की पुष्टि नहीं की है, लेकिन आंतरिक सूत्रों और उद्योग की रिपोर्टों के अनुसार, भारत में लगभग 12,000 पदों पर प्रभाव पड़ सकता है—जो इसके 30,000 के कुल भारतीय कार्यबल का लगभग 40% है।

इस छंटनी ने बेंगलुरु, हैदराबाद और पुणे जैसे टेक हब्स में हड़कंप मचा दिया है। ओरेकल फ्यूजन क्लाउड और ओरेकल क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर (OCI) सहित विभिन्न विभागों के प्रभावित कर्मचारियों ने सुबह 6:00 बजे ही टर्मिनेशन नोटिस मिलने की सूचना दी है।

एआई (AI) की ओर झुकाव और संगठनात्मक बदलाव

यह पुनर्गठन ओरेकल के ‘एआई-फर्स्ट’ (AI-first) कंपनी बनने की रणनीति का सीधा परिणाम है।

उद्योग पर प्रभाव और विशेषज्ञों की राय

अमेरिका के बाहर भारत ओरेकल का सबसे बड़ा इंजीनियरिंग आधार है। यह कटौती आईटी उद्योग में एक व्यापक प्रवृत्ति को दर्शाती है जहाँ एआई नवाचार की उच्च लागतों को पूरा करने के लिए पारंपरिक सॉफ्टवेयर भूमिकाओं की बलि दी जा रही है।

एक प्रमुख टेक भर्ती फर्म के सीईओ अंशुमान दास ने टिप्पणी की: “ओरेकल में हम जो देख रहे हैं वह वित्तीय अस्थिरता का संकेत नहीं है, बल्कि टैलेंट स्टैक का एक कठोर परिवर्तन है। जैसे-जैसे कंपनियाँ ‘SaaS-first’ से ‘AI-first’ की ओर बढ़ रही हैं, वे कौशल जो पाँच साल पहले महत्वपूर्ण थे, अब चरणबद्ध तरीके से समाप्त किए जा रहे हैं।”

कर्मचारियों की स्थिति और समर्थन प्रणाली

“तत्काल छंटनी” की प्रकृति ने श्रम अधिवक्ताओं की आलोचना को जन्म दिया है। कई कर्मचारियों ने पेशेवर नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म पर अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि ईमेल मिलने के कुछ ही मिनटों के भीतर उन्हें आंतरिक सिस्टम से बाहर (lock out) कर दिया गया था। कंपनी ने अब विच्छेद पैकेज (severance packages) और ट्रांज़िशन सपोर्ट के दस्तावेज़ भेजने के लिए कर्मचारियों के व्यक्तिगत ईमेल पते मांगे हैं।

भारत में ओरेकल का सफर

ओरेकल तीन दशकों से अधिक समय से भारतीय आईटी पारिस्थितिकी तंत्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। इसके इंडिया डेवलपमेंट सेंटर्स (IDCs) वैश्विक उत्पादों के निर्माण में सहायक रहे हैं। हालांकि, वर्तमान बदलावों से संकेत मिलता है कि कंपनी अपने एआई विकास को केंद्रित करना चाहती है और उन कार्यों को स्वचालित (automate) कर रही है जो पहले बड़ी टीमों द्वारा संभाले जाते थे।

टेक टैलेंट के लिए एक अनिश्चित भविष्य

वित्तीय वर्ष 2026 जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है, ओरेकल की छंटनी वैश्विक तकनीकी परिदृश्य में अस्थिरता की एक गंभीर याद दिलाती है। जहाँ एआई उद्योग के लिए अपार विकास का वादा करता है, वहीं इस संक्रमण की मानवीय कीमत भी स्पष्ट होती जा रही है। अब प्रभावित परिवारों का ध्यान कंपनी द्वारा वादा किए गए ट्रांज़िशन सपोर्ट और भारतीय टेक इकोसिस्टम की इस अतिरिक्त प्रतिभा को खपाने की क्षमता पर है।

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