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दमघोंटू हुई दिल्ली की हवा: ग्रैप-4 हटते ही फिर ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंचा प्रदूषण

SamacharTOday.co.in - दमघोंटू हुई दिल्ली की हवा ग्रैप-4 हटते ही फिर 'गंभीर' श्रेणी में पहुंचा प्रदूषण - Image Credited by India Today

दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण से मिलने वाली राहत बेहद अल्पकालिक साबित हुई। ‘ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान’ (GRAP) के चौथे चरण की पाबंदियों को हटाए जाने के मात्र 48 घंटे के भीतर, शनिवार 27 दिसंबर 2025 को दिल्ली की हवा एक बार फिर ‘बेहद खराब’ और कई इलाकों में ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के सुबह 7 बजे के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 353 दर्ज किया गया।

घने कोहरे और स्मॉग (Smog) की मोटी परत ने पूरी राजधानी को अपनी आगोश में ले लिया है। धौला कुआं, अक्षरधाम और कश्मीरी गेट जैसे इलाकों में दृश्यता इतनी कम रही कि वाहनों को हेडलाइट जलाकर रेंगना पड़ा।

प्रमुख इलाकों का हाल: कहां है सबसे ज्यादा खतरा?

दिल्ली के कई इलाकों में हवा की गुणवत्ता 400 के पार यानी ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच गई है। विवेक विहार में सर्वाधिक 424 AQI दर्ज किया गया, जबकि आनंद विहार और जहांगीरपुरी जैसे इलाके भी जहरीली हवा की चपेट में रहे।

विमान और रेल सेवाएं प्रभावित

प्रदूषण और कोहरे के दोहरे हमले ने यातायात को बुरी तरह प्रभावित किया है। आईजीआई (IGI) एयरपोर्ट पर शनिवार सुबह लगभग 51% उड़ानों में देरी दर्ज की गई। वहीं, आनंद विहार और नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर घने कोहरे के कारण 24 से अधिक ट्रेनें अपने निर्धारित समय से घंटों देरी से चल रही हैं।

GRAP-4 हटाने पर उठे सवाल

24 दिसंबर को जब AQI में सुधार हुआ था, तब CAQM ने पाबंदियों को यह कहते हुए हटा लिया था कि ये नियम आर्थिक गतिविधियों को बाधित कर रहे हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि दिसंबर के आखिरी हफ्ते में तापमान गिरने और हवा की गति कम होने का पूर्वानुमान था, ऐसे में राहत देना जल्दबाजी हो सकती थी।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले दो दिनों के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, एक नए ‘पश्चिमी विक्षोभ’ के कारण हवा की गति और कम हो सकती है, जिससे अगले कुछ दिनों तक प्रदूषक तत्व जमीन के करीब ही फंसे रहेंगे।

स्वास्थ्य सलाह: बरतें सावधानी

डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि ‘बेहद खराब’ हवा स्वस्थ लोगों के फेफड़ों को भी नुकसान पहुंचा सकती है। सांस के मरीजों, बच्चों और बुजुर्गों को सुबह की सैर से बचने और घर से बाहर निकलते समय मास्क का अनिवार्य रूप से उपयोग करने की सलाह दी गई है।

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