Samachar Today

दरार और गहरी: ‘नो हैंडशेक’ पर पीसीबी प्रमुख का तीखा पलटवार

SamacharToday.co.in - दरार और गहरी 'नो हैंडशेक' पर पीसीबी प्रमुख का तीखा पलटवार - Image Credited by NewsPoint

भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट के मैदान पर तनाव एक बार फिर चरम पर है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के अध्यक्ष मोहसिन नकवी ने भारतीय टीम की “नो-हैंडशेक” (हाथ न मिलाने की) नीति पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि अब पाकिस्तान भी “ईंट का जवाब पत्थर” से देगा। नकवी ने स्पष्ट किया कि यदि भारतीय खिलाड़ी भविष्य में शिष्टाचार नहीं निभाएंगे, तो पाकिस्तानी टीम भी हाथ मिलाने की पहल नहीं करेगी।

यह विवाद 21 दिसंबर, 2025 को हुए अंडर-19 एशिया कप फाइनल के बाद और गहरा गया। पाकिस्तान ने भारत को 191 रनों के बड़े अंतर से हराकर खिताब तो जीता, लेकिन मैच के बाद दोनों टीमों के बीच हाथ न मिलाने की घटना ने खेल भावना पर बड़े सवाल खड़े कर दिए।

विवाद की जड़: क्यों नहीं मिल रहे हाथ?

भारतीय टीम ने यह नीति सबसे पहले सितंबर 2025 में सीनियर एशिया कप के दौरान अपनाई थी। बीसीसीआई (BCCI) के सूत्रों के अनुसार, यह अप्रैल में पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों के प्रति एकजुटता दिखाने का एक प्रतीकात्मक तरीका था। तब से, भारतीय पुरुष, महिला और जूनियर टीमें पाकिस्तान के खिलाफ मैच के बाद हाथ मिलाने से परहेज कर रही हैं।

बीसीसीआई का तर्क है कि हाथ मिलाना एक “सद्भावना संकेत” (Goodwill gesture) है, कोई अनिवार्य कानून नहीं। वहीं, पाकिस्तान इसे खेल के मैदान पर एक कूटनीतिक अपमान के रूप में देख रहा है।

“सम्मान के साथ समझौता नहीं”: मोहसिन नकवी

लाहौर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मोहसिन नकवी ने कहा कि पाकिस्तान “बराबरी के स्तर” (Equal footing) पर ही भारत के साथ व्यवहार करेगा। नकवी, जो पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री भी हैं, ने कहा:

“अगर वे [भारत] हाथ नहीं मिलाना चाहते, तो हमें भी इसकी कोई खास इच्छा नहीं है। अब जो भी होगा, बराबरी के स्तर पर होगा। यह संभव नहीं है कि वे एक तरफा नीतियां चलाएं और हम पीछे हटते रहें—ऐसा बिल्कुल नहीं होगा।”

नकवी ने यह भी आरोप लगाया कि अंडर-19 फाइनल के दौरान भारतीय खिलाड़ियों का व्यवहार “अनैतिक” और “उकसावे वाला” था। उन्होंने पुष्टि की कि पीसीबी इस मामले में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) को औपचारिक शिकायत दर्ज कराएगा।

मैदान पर गरमाया माहौल

दुबई में खेले गए अंडर-19 फाइनल के दौरान माहौल काफी तनावपूर्ण था। मैच के दौरान पाकिस्तानी गेंदबाज अली रजा और भारतीय कप्तान आयुष म्हात्रे के बीच तीखी नोकझोंक देखी गई। पाकिस्तान के मेंटर सरफराज अहमद ने भारतीय खिलाड़ियों के आचरण की आलोचना करते हुए इसे “खेल भावना के विपरीत” बताया।

निष्कर्ष: खेल या राजनीति?

क्रिकेट को हमेशा से “सज्जनों का खेल” माना जाता रहा है, लेकिन भारत-पाकिस्तान प्रतिद्वंद्विता में खेल और राजनीति को अलग करना असंभव होता जा रहा है। नकवी का यह बयान संकेत देता है कि आने वाले टूर्नामेंटों, जैसे 2026 टी20 विश्व कप, में भी दोनों टीमों के बीच का यह ठंडा व्यवहार जारी रह सकता है।

जब तक दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों में सुधार नहीं होता, तब तक क्रिकेट के मैदान पर यह “हैंडशेक विवाद” एक प्रतीकात्मक संघर्ष बना रहेगा।

Exit mobile version