पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) 2026 के आगाज के साथ ही एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पाकिस्तान के स्टार तेज गेंदबाज नसीम शाह को पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने ‘कारण बताओ’ (show-cause) नोटिस जारी किया है। उन पर पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज के खिलाफ सोशल मीडिया पर अपमानजनक टिप्पणी करने और केंद्रीय अनुबंध (central contract) की शर्तों के उल्लंघन का आरोप है।
यह विवाद लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में उद्घाटन मैच के दौरान शुरू हुआ, जहां पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की बेटी मरियम नवाज मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थीं। पीसीबी अध्यक्ष मोहसिन नकवी के साथ उनकी मौजूदगी पर नसीम शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक व्यंग्यात्मक टिप्पणी करते हुए उन्हें “क्वीन” (रानी) कहा था।
विवादित पोस्ट और अनुबंध का उल्लंघन
रावलपिंडी पिंडीज़ टीम का प्रतिनिधित्व कर रहे नसीम शाह ने कथित तौर पर मुख्यमंत्री की एक पोस्ट को रीट्वीट करते हुए लिखा, “उन्हें लॉर्ड्स में ‘क्वीन’ की तरह व्यवहार क्यों दिया जा रहा है?” हालांकि, कुछ ही मिनटों बाद इस पोस्ट को हटा दिया गया और दावा किया गया कि उनका अकाउंट हैक हो गया था, लेकिन पीसीबी ने इसे गंभीरता से लेते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है।
बोर्ड ने केंद्रीय अनुबंध की धारा 2.23 का हवाला दिया है, जो खिलाड़ियों को बोर्ड, उसके अधिकारियों या सरकारी नीतियों के संबंध में सार्वजनिक आलोचना या अनुचित टिप्पणी करने से रोकता है।
पीसीबी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा: “केंद्रीय अनुबंध एक कानूनी दस्तावेज है। खिलाड़ियों से खेल की गरिमा बनाए रखने और तटस्थ रहने की अपेक्षा की जाती है। टूर्नामेंट का राजनीतिकरण करने या राजकीय गणमान्य व्यक्तियों का मजाक उड़ाने के किसी भी प्रयास से सख्ती से निपटा जाएगा।”
संकट के साये में टूर्नामेंट
पीएसएल 2026 पहले से ही कठिन परिस्थितियों में आयोजित किया जा रहा है। पश्चिम एशिया संकट और होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने के कारण पाकिस्तान ईंधन की भारी कमी का सामना कर रहा है। इसी कारण पीसीबी अध्यक्ष ने घोषणा की थी कि ऊर्जा बचाने के लिए टूर्नामेंट दर्शकों के बिना खाली स्टेडियम में खेला जाएगा।
राजनीतिक अभिव्यक्ति पर पुराना रुख
यह पहली बार नहीं है जब पीसीबी ने राजनीतिक अभिव्यक्ति पर कार्रवाई की है। पिछले साल ऑलराउंडर आमिर जमाल पर पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान का कैदी नंबर “804” प्रदर्शित करने के लिए 10 लाख पाकिस्तानी रुपये का जुर्माना लगाया गया था। पीसीबी का रुख स्पष्ट है कि क्रिकेट का मैदान राजनीतिक संदेशों के लिए नहीं है।
फैसले का इंतजार
नसीम शाह को नोटिस का जवाब देने के लिए समय दिया गया है। हालांकि उनका प्रबंधन ‘हैक’ होने की बात कह रहा है, लेकिन पीसीबी की डिजिटल फॉरेंसिक टीम लॉग-इन डेटा की समीक्षा कर रही है। आज पेशावर जाल्मी के खिलाफ होने वाले मैच में नसीम की भागीदारी पर सबकी नजरें टिकी हैं।
