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पीएनबी ने ₹2,434 करोड़ के श्रेई ग्रुप धोखाधड़ी की रिपोर्ट की

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पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के शेयरों में सोमवार को काफी हलचल देखने को मिल सकती है। सार्वजनिक क्षेत्र के इस ऋणदाता ने शुक्रवार देर रात एक नियामक फाइलिंग में श्रेई (SREI) समूह की दो संस्थाओं से जुड़े ₹2,434 करोड़ के ऋण धोखाधड़ी की जानकारी दी है। 26 दिसंबर को बाजार बंद होने के बाद दी गई यह जानकारी उन खातों से संबंधित है जो कई वर्षों से तनाव में थे।

खुलासे का मुख्य विवरण

बैंक की फाइलिंग के अनुसार, यह धोखाधड़ी श्रेई इक्विपमेंट फाइनेंस लिमिटेड (SEFL) और श्रेई इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस लिमिटेड (SIFL) में हुई है। पीएनबी ने एसईएफएल (SEFL) के खाते में ₹1,240.94 करोड़ और एसआईएफएल (SIFL) के खाते में ₹1,193.06 करोड़ की धोखाधड़ी को चिन्हित किया है।

हालांकि, निवेशकों को राहत देते हुए बैंक ने स्पष्ट किया कि उसने इन दोनों खातों की पूरी बकाया राशि के लिए 100 प्रतिशत प्रोविजनिंग (प्रावधान) पहले ही कर ली है। इसका अर्थ है कि इस धोखाधड़ी का वित्तीय प्रभाव बैंक के पिछले बैलेंस शीट में पहले ही शामिल किया जा चुका है और मौजूदा मुनाफे पर इसका कोई नया असर नहीं पड़ेगा।

बैंक ने यह भी बताया कि इन दोनों कंपनियों का कॉर्पोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया (CIRP) के तहत नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) द्वारा पहले ही सफल समाधान किया जा चुका है।

बाजार की स्थिति और तकनीकी संकेत

शुक्रवार को पीएनबी के शेयर ₹120.35 पर बंद हुए थे। भले ही ताजा खबर नकारात्मक लग सकती है, लेकिन 2025 में पीएनबी के शेयर ने अब तक 17 प्रतिशत से अधिक का रिटर्न दिया है।

तकनीकी संकेतकों के अनुसार, शेयर वर्तमान में न्यूट्रल ज़ोन में है। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 50.8 पर है, जो दर्शाता है कि शेयर न तो ‘ओवरबॉट’ (जरूरत से ज्यादा खरीदा गया) है और न ही ‘ओवरसोल्ड’ (जरूरत से ज्यादा बेचा गया)। विशेषज्ञों का मानना है कि चूंकि प्रोविजनिंग पहले ही पूरी हो चुकी है, इसलिए सोमवार को बाजार में केवल मामूली उतार-चढ़ाव देखा जा सकता है।

पृष्ठभूमि: श्रेई ग्रुप का संकट

1989 में स्थापित श्रेई ग्रुप कभी बुनियादी ढांचा क्षेत्र को वित्तपोषित करने वाली भारत की दिग्गज कंपनी थी। हालांकि, 2018 के आईएलएंडएफएस (IL&FS) संकट के बाद समूह को नकदी की भारी कमी का सामना करना पड़ा। अक्टूबर 2021 में, आरबीआई ने प्रशासन संबंधी चिंताओं और भुगतान चूक के कारण इनके बोर्ड को भंग कर दिया था। अब जांच में सामने आया है कि इसके पूर्व प्रवर्तकों ने जटिल संरचनाओं के जरिए बैंकों के साथ धोखाधड़ी की थी।

पीएनबी की वित्तीय स्थिति

पुराने एनपीए (NPA) के बोझ के बावजूद, पीएनबी के हालिया नतीजे काफी सकारात्मक रहे हैं। सितंबर तिमाही (Q2FY26) में बैंक का शुद्ध लाभ 14 प्रतिशत बढ़कर ₹4,904 करोड़ रहा। बैंक का प्रोविजन कवरेज रेशियो (PCR) भी सुधरकर 96.91 प्रतिशत हो गया है, जो इसकी मजबूत वित्तीय स्थिति का प्रमाण है।

एक बैंकिंग विशेषज्ञ ने कहा:

“सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक अब अपने पुराने खराब ऋणों के बोझ को पूरी तरह खत्म कर रहे हैं। इतनी बड़ी धोखाधड़ी की रिपोर्ट करना कानूनी प्रक्रिया का एक हिस्सा है। पीएनबी की उच्च प्रोविजनिंग यह दर्शाती है कि बैंक अब पुराने संकटों से उबरकर विकास पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।”

सोमवार को निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि क्या शेयर ₹118 के सपोर्ट लेवल को बनाए रखता है या धोखाधड़ी की खबर से इसमें बिकवाली देखी जाती है।

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