फीफा ने स्पष्ट किया है कि फीफा विश्व कप के राउंड ऑफ 32 में पुर्तगाल के खिलाफ क्रोएशिया का स्टॉपेज टाइम में किया गया बराबरी का गोल क्यों रद्द किया गया। विश्व फुटबॉल की सर्वोच्च संस्था ने बताया कि कनेक्टेड बॉल टेक्नोलॉजी ने पुष्टि की कि स्ट्राइकर इगोर मातानोविच के हल्के स्पर्श के कारण ऑफसाइड की स्थिति बनी, जिसके चलते VAR समीक्षा के बाद गोल को अमान्य घोषित किया गया।
मैच के 103वें मिनट में ऐसा लगा कि क्रोएशिया ने मुकाबला अतिरिक्त समय तक पहुंचा दिया है। मारियो पासालिच ने बॉक्स के भीतर लंबी गेंद को नियंत्रित कर जोस्को ग्वार्डियोल को पास दिया, जिन्होंने गेंद को गोल में पहुंचा दिया। हालांकि, वीडियो असिस्टेंट रेफरी (VAR) की समीक्षा के बाद रेफरी ने गोल को ऑफसाइड करार देते हुए रद्द कर दिया।
शुरुआती रिप्ले में ऐसा प्रतीत हुआ कि गेंद पुर्तगाल के डिफेंडर रेनाटो वेइगा से डिफ्लेक्ट होकर पासालिच तक पहुंची थी, जिससे ऑफसाइड की स्थिति समाप्त हो जाती। लेकिन विस्तृत तकनीकी विश्लेषण में सामने आया कि गेंद पहले इगोर मातानोविच के सिर से हल्के रूप में टकराई थी और उसके बाद वेइगा तक पहुंची।
चूंकि मातानोविच के गेंद को छूने के समय पासालिच पहले से ही ऑफसाइड पोजिशन में मौजूद थे, इसलिए खेल के नियमों के अनुसार गोल को वैध नहीं माना जा सकता था। इसी आधार पर VAR ने रेफरी के निर्णय का समर्थन किया।
फीफा ने बताया कि निर्णायक स्पर्श की पहचान आधिकारिक Adidas Trionda मैच बॉल में लगे Inertial Measurement Unit (IMU) सेंसर की मदद से की गई। संस्था ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि कनेक्टेड बॉल टेक्नोलॉजी ने यह साबित किया कि गोल बनने से पहले मातानोविच ने गेंद को छुआ था, जिससे रेफरी को सही ऑफसाइड निर्णय लेने में सहायता मिली।
फीफा के अनुसार, गेंद में लगे IMU सेंसर बेहद हल्के स्पर्श का भी पता लगा सकते हैं। प्रसारण के दौरान इस डेटा को विशेष “हार्टबीट” ग्राफिक के माध्यम से प्रदर्शित किया जाता है, जिससे मैच अधिकारियों को अधिक सटीक और तेज फैसले लेने में मदद मिलती है।
मैच में इवान पेरिसिच ने दूसरे हाफ की शुरुआत में क्रोएशिया को बढ़त दिलाई थी। इसके बाद क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने टूर्नामेंट का अपना तीसरा गोल कर पुर्तगाल को बराबरी दिलाई। स्टॉपेज टाइम में गोंकालो रामोस ने राफेल लियाओ के क्रॉस पर हेडर लगाकर विजयी गोल दागा और पुर्तगाल को अंतिम-16 में पहुंचा दिया।
