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ब्लैकस्टोन-समर्थित होराइजन इंडस्ट्रियल पार्क्स ने ₹2,600 करोड़ का आईपीओ दाखिल किया

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भारत के लॉजिस्टिक्स परिदृश्य में संस्थागत खिलाड़ियों के बढ़ते प्रभुत्व का संकेत देते हुए, वैश्विक एसेट मैनेजर ब्लैकस्टोन समर्थित होराइजन इंडस्ट्रियल पार्क्स ने आईपीओ (IPO) के लिए प्रारंभिक दस्तावेज जमा कर दिए हैं। कंपनी का लक्ष्य ₹2,600 करोड़ जुटाना है, जो भारतीय औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में ब्लैकस्टोन के पहले समर्पित रियल एस्टेट प्लेटफॉर्म के लिए एक मील का पत्थर है।

सोमवार, 29 दिसंबर 2025 को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के पास दाखिल ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) के अनुसार, यह आईपीओ पूरी तरह से नए शेयरों का इश्यू होगा। ब्लैकस्टोन, जिसकी वर्तमान में कंपनी में 89% हिस्सेदारी है, लिस्टिंग के बाद भी एकमात्र प्रमोटर बना रहेगा।

विशाल पूंजी: प्री-आईपीओ और भविष्य की योजनाएं

सार्वजनिक निर्गम (Public Issue) से पहले, होराइजन ने प्री-आईपीओ फंडिंग राउंड में लगभग $200 मिलियन (₹1,650 करोड़) जुटाए हैं। इस राउंड में 360 ONE, एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस, भारतीय स्टेट बैंक और दिग्गज निवेशक राधाकिशन दमानी जैसे बड़े नाम शामिल थे। प्री-आईपीओ राशि को मिलाकर, कंपनी का कुल फंड जुटाने का लक्ष्य ₹4,250 करोड़ ($500 मिलियन) तक पहुंच गया है।

फंड के उपयोग के बारे में जानकारी देते हुए कंपनी ने बताया कि वह ₹2,250 करोड़ (आईपीओ से प्राप्त राशि का लगभग 86%) का उपयोग कर्ज चुकाने के लिए करेगी। शेष राशि का उपयोग सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों और विस्तार के लिए किया जाएगा।

भारत में ब्लैकस्टोन की रणनीतिक पारी

लॉजिस्टिक्स के मामले में ब्लैकस्टोन दुनिया भर में एक दिग्गज नाम है, जिसके पास वैश्विक स्तर पर 120 करोड़ वर्ग फुट से अधिक जगह है। भारत में होराइजन के माध्यम से ब्लैकस्टोन ने एक नई रणनीति अपनाई है। कंपनी अब केवल बनी-बनी संपत्तियां खरीदने के बजाय खुद जमीन अधिग्रहण और निर्माण का जोखिम उठा रही है।

“ब्लैकस्टोन ने हमेशा अच्छी गुणवत्ता वाली रेंटल संपत्तियों की तलाश की है। औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स भारत में इसका पहला रियल एस्टेट प्लेटफॉर्म है, जहां इसने जमीन खरीदने और निर्माण करने का जोखिम उठाया है,” शोभित अग्रवाल, प्रबंध निदेशक और सीईओ, एनारॉक कैपिटल ने कहा।

परिचालन का पैमाना: भारत में दूसरा सबसे बड़ा खिलाड़ी

होराइजन इंडस्ट्रियल पार्क्स वर्तमान में भारत का दूसरा सबसे बड़ा लॉजिस्टिक्स डेवलपर है। इसका पोर्टफोलियो 10 शहरों में 46 संपत्तियों के साथ 6 करोड़ वर्ग फुट तक फैला हुआ है।

वित्तीय स्थिति और बाजार का दृष्टिकोण

वित्त वर्ष 2024-25 में होराइजन का शुद्ध घाटा कम होकर ₹131 करोड़ रह गया है, जो पिछले वर्ष ₹140 करोड़ था। वहीं, कंपनी का राजस्व (Revenue) 50% से अधिक बढ़कर ₹359.3 करोड़ हो गया है।

भारत में वेयरहाउसिंग सेक्टर अब पारंपरिक गोदामों से बदलकर आधुनिक और तकनीक-आधारित फुलफिलमेंट सेंटर्स में तब्दील हो गया है। ‘मेक इन इंडिया’ और ई-कॉमर्स की लहर ने इस बदलाव को और गति दी है।

लॉजिस्टिक्स के लिए एक नया मानक

होराइजन का आईपीओ निवेशकों के लिए भारत की खपत और विनिर्माण (Manufacturing) की कहानी का हिस्सा बनने का एक अनूठा अवसर है। कर्ज कम करने और सार्वजनिक रूप से सूचीबद्ध होने के बाद, कंपनी भारत के आपूर्ति श्रृंखला आधुनिकीकरण के अगले चरण का नेतृत्व करने के लिए तैयार है।

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