भारत 6 से 8 जुलाई तक स्विट्जरलैंड के जिनेवा स्थित पैले दे नेशंस में आयोजित संयुक्त राष्ट्र व्यापार एवं विकास (UNCTAD) के उपभोक्ता संरक्षण कानून एवं नीति पर अंतर-सरकारी विशेषज्ञ समूह (IGE) के नौवें सत्र की अध्यक्षता करेगा। इस तीन दिवसीय बैठक में सदस्य देशों, अंतरराष्ट्रीय संगठनों, उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरणों, शिक्षाविदों और अन्य हितधारकों की भागीदारी होगी, जहां उपभोक्ता संरक्षण से जुड़े उभरते वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
संयुक्त राष्ट्र उपभोक्ता संरक्षण दिशानिर्देश (UNGCP) के तहत गठित यह अंतर-सरकारी विशेषज्ञ समूह उपभोक्ता संरक्षण कानून और नीति पर अंतरराष्ट्रीय सहयोग तथा संवाद के प्रमुख मंच के रूप में कार्य करता है। भारत की ओर से उपभोक्ता मामले विभाग की सचिव निधि खरे इस सत्र की अध्यक्षता करेंगी। UNCTAD के निमंत्रण पर वह सदस्य देशों के बीच होने वाली चर्चाओं का संचालन करेंगी और वैश्विक प्राथमिकताओं पर विचार-विमर्श का नेतृत्व करेंगी।
बैठक का प्रमुख आकर्षण संयुक्त राष्ट्र उपभोक्ता उत्पाद सुरक्षा सिद्धांतों (United Nations Principles for Consumer Product Safety) का औपचारिक शुभारंभ होगा, जिन्हें दिसंबर 2025 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने अपनाया था। भारत इस अवसर पर “Why the Principles Matter” विषय पर आयोजित उच्चस्तरीय फायरसाइड चैट में भी भाग लेगा, जिसमें नए वैश्विक ढांचे के महत्व पर चर्चा होगी।
सत्र के दौरान सदस्य देशों द्वारा संयुक्त राष्ट्र उपभोक्ता संरक्षण दिशानिर्देशों के क्रियान्वयन, उपभोक्ता जागरूकता एवं शिक्षा, सतत उपभोग, वैश्विक बाजारों में उपभोक्ता संरक्षण कानूनों के प्रभावी प्रवर्तन तथा सीमा-पार उपभोक्ता संरक्षण तंत्र को मजबूत बनाने जैसे विषयों पर विचार किया जाएगा। इसके अलावा अर्जेंटीना के उपभोक्ता संरक्षण कानून और नीति की स्वैच्छिक समीक्षा भी की जाएगी तथा हालिया कानूनी एवं संस्थागत सुधारों, क्षमता निर्माण पहलों और अगले सत्र के एजेंडे को अंतिम रूप दिया जाएगा।
भारत पिछले कुछ वर्षों से वैश्विक स्तर पर उपभोक्ता संरक्षण संबंधी चर्चाओं में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। जुलाई 2025 में जिनेवा में आयोजित संयुक्त राष्ट्र प्रतियोगिता एवं उपभोक्ता संरक्षण सम्मेलन के दौरान भारत ने राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (NCH) और उसके प्री-लिटिगेशन कन्वर्जेंस मॉडल के माध्यम से सीमा-पार उपभोक्ता विवादों के समाधान का अपना अनुभव साझा किया था।
सरकार के अनुसार, राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन ने पिछले 14 महीनों में 36 क्षेत्रों से जुड़े 1.47 लाख से अधिक रिफंड संबंधी मामलों का अदालत जाने से पहले समाधान कराते हुए उपभोक्ताओं को 91.77 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वापस दिलाने में मदद की है।
भारत ने e-Jagriti नामक एआई-सक्षम डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से उपभोक्ता शिकायत निवारण प्रणाली को भी मजबूत किया है। इस प्लेटफॉर्म पर उपभोक्ता ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं, वर्चुअल सुनवाई में शामिल हो सकते हैं, डिजिटल माध्यम से मामलों का प्रबंधन कर सकते हैं और कार्यवाही तक ऑनलाइन पहुंच प्राप्त कर सकते हैं। यह प्रणाली विदेशों में रहने वाले भारतीयों (NRI) और अन्य उपभोक्ताओं को भी ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने और सीमा-पार विवादों के समाधान में सहायता प्रदान करती है।
उपभोक्ता मामले विभाग ने कहा कि UNCTAD के इस महत्वपूर्ण सत्र की अध्यक्षता के लिए भारत का चयन वैश्विक उपभोक्ता संरक्षण सहयोग में उसकी बढ़ती भूमिका और तकनीक आधारित, उपभोक्ता-केंद्रित व्यवस्था को बढ़ावा देने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की अंतरराष्ट्रीय मान्यता है।
