विशाखापत्तनम — विशाखापत्तनम के डॉ. वाई.एस. राजशेखर रेड्डी स्टेडियम में खेले गए चौथे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में भारत का क्लीन स्वीप का सपना टूट गया। न्यूजीलैंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम इंडिया को 50 रनों से करारी शिकस्त दी। हालांकि शिवम दुबे ने भारतीय क्रिकेट इतिहास का तीसरा सबसे तेज अर्धशतक जड़कर मैच में जान फूंकने की कोशिश की, लेकिन शीर्ष क्रम के पतन और बड़े लक्ष्य के दबाव ने अंततः मेजबान टीम को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया।
216 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम लगातार अंतराल पर विकेट खोती रही और पूरी टीम 165 रनों पर सिमट गई। सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में इस सीरीज में भारत की यह पहली हार है, जो आगामी विश्व कप से पहले मध्यक्रम की स्थिरता पर सवालिया निशान लगाती है।
कीवी बल्लेबाजों का हमला: सीफर्ट और कॉनवे की आतिशबाजी
इससे पहले, टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम ने विस्फोटक शुरुआत की। टिम सीफर्ट और डेवोन कॉनवे ने भारतीय गेंदबाजों को बैकफुट पर धकेल दिया। हाल ही में बिग बैश लीग में खेल कर लौटे सीफर्ट विशेष रूप से आक्रामक दिखे। उन्होंने मात्र 36 गेंदों में 62 रन बनाए, जिसमें सात चौके और तीन छक्के शामिल थे।
सीफर्ट की इस पारी की मदद से न्यूजीलैंड ने पावरप्ले के अंत तक 71 रन बना लिए थे। दूसरे छोर पर डेवोन कॉनवे (44 रन) ने भी रवि बिश्नोई के एक ओवर में दो चौके और एक छक्का जड़कर अपने इरादे स्पष्ट कर दिए। दोनों के बीच 100 रनों की ओपनिंग पार्टनरशिप हुई, जिसने न्यूजीलैंड के लिए एक विशाल स्कोर की नींव रखी।
भारतीय गेंदबाजों की वापसी और न्यूजीलैंड का मध्यक्रम
जब ऐसा लग रहा था कि न्यूजीलैंड 230 का आंकड़ा पार कर लेगा, तब भारतीय स्पिनरों ने वापसी की। कुलदीप यादव ने कॉनवे को रिंकू सिंह के हाथों कैच कराकर इस खतरनाक जोड़ी को तोड़ा। इसके बाद न्यूजीलैंड के बल्लेबाज रन गति को 12 प्रति ओवर बनाए रखने के चक्कर में अपने विकेट गंवाते रहे। अंत में डेरिल मिचेल के नाबाद 39 रनों की बदौलत न्यूजीलैंड ने निर्धारित 20 ओवरों में 7 विकेट पर 215 रन बनाए।
भारत की पारी: खराब शुरुआत और दुबे का संघर्ष
216 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया की शुरुआत बेहद खराब रही। अभिषेक शर्मा पारी की पहली ही गेंद पर ‘गोल्डन डक’ का शिकार हुए। कप्तान सूर्यकुमार यादव भी केवल 8 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। संजू सैमसन और रिंकू सिंह ने पारी को संभालने की कोशिश की, लेकिन वे सफल नहीं हो सके। हार्दिक पांड्या भी इस मैच में कुछ खास नहीं कर पाए और मात्र 2 रन बनाकर आउट हो गए।
ऐसे कठिन समय में शिवम दुबे ने मोर्चा संभाला। उन्होंने मैदान के चारों ओर बड़े शॉट लगाए और भारतीय प्रशंसकों की उम्मीदें जगाए रखीं। दुबे ने 65 रनों की तूफानी पारी खेली, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से वे नॉन-स्ट्राइकर छोर पर रन आउट हो गए। गेंदबाज की उंगलियों से लगकर गेंद सीधे स्टंप्स पर जा लगी और दुबे को क्रीज से बाहर पाया गया। उनके आउट होते ही भारत की जीत की उम्मीदें खत्म हो गई।
सीरीज का समीकरण
भारत पहले ही सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त बना चुका था, लेकिन इस हार ने युवा टीम को अपनी कमजोरियों पर काम करने का मौका दिया है। टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला और फिर पावरप्ले में तीन महत्वपूर्ण विकेट गंवाना भारत के लिए घातक साबित हुआ। अब सीरीज का पांचवां और अंतिम मैच हैदराबाद में खेला जाएगा, जहां भारत जीत के साथ सीरीज का अंत करना चाहेगा।
