भारत और सऊदी अरब ने जल संसाधनों के क्षेत्र में सहयोग को नई मजबूती देते हुए एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता सऊदी वॉटर वीक (Saudi Water Week) के दौरान जेद्दा में संपन्न हुआ। दोनों देशों का उद्देश्य जल संसाधन प्रबंधन, सिंचाई प्रणाली, तकनीकी सहयोग और जल संरक्षण के क्षेत्र में दीर्घकालिक साझेदारी को मजबूत बनाना है।
समझौते पर सऊदी अरब में भारत के राजदूत डॉ. सुहेल खान और सऊदी अरब के पर्यावरण, जल एवं कृषि मंत्री इंजीनियर अब्दुलरहमान अब्दुलमोहसेन अल-फदली ने हस्ताक्षर किए। यह हस्ताक्षर समारोह सऊदी वॉटर वीक के दौरान आयोजित किया गया, जो सतत जल प्रबंधन, नवाचार और जल सुरक्षा से जुड़े वैश्विक विषयों पर केंद्रित एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मंच है।
इस समझौता ज्ञापन के तहत दोनों देश जल संसाधनों की योजना, सतत जल प्रबंधन, आधुनिक सिंचाई प्रणालियों, क्षमता निर्माण तथा तकनीकी विशेषज्ञता और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान में सहयोग करेंगे। इसके अलावा जल के कुशल उपयोग और दीर्घकालिक जल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी संयुक्त प्रयास किए जाएंगे। अधिकारियों के अनुसार यह समझौता दोनों देशों की बढ़ती जल चुनौतियों का मिलकर समाधान खोजने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
एमओयू के माध्यम से दोनों देशों के संस्थानों के बीच ज्ञान साझा करने और जल संरक्षण से जुड़ी नई तकनीकों के विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही जल संसाधनों के प्रभावी प्रबंधन और सतत विकास के लिए संयुक्त अनुसंधान एवं नवाचार को प्रोत्साहित किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते जलवायु परिदृश्य में इस तरह का सहयोग भविष्य की जल सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
भारत और सऊदी अरब के बीच पिछले कुछ वर्षों में रणनीतिक साझेदारी लगातार मजबूत हुई है। ऊर्जा, व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी, कृषि और पर्यावरण संरक्षण जैसे कई क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग का दायरा लगातार बढ़ा है। जल संसाधनों पर यह नया समझौता दोनों देशों के संबंधों में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ता है।
समझौता समारोह के दौरान जेद्दा में भारत के महावाणिज्य दूत फहद सूरी भी मौजूद रहे। दोनों देशों ने विश्वास व्यक्त किया कि यह समझौता संस्थागत सहयोग को नई दिशा देगा और जल क्षेत्र में टिकाऊ विकास के साझा लक्ष्यों को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
