शुक्रवार की शाम तिरुवनंतपुरम का ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम भारतीय महिला क्रिकेट के गौरवशाली इतिहास का गवाह बना। भारतीय टीम ने श्रीलंका को आठ विकेट से हराकर पांच मैचों की टी20 सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली। इस जीत की पटकथा रेणुका सिंह ठाकुर की घातक गेंदबाजी, दीप्ति शर्मा के ऐतिहासिक विश्व रिकॉर्ड और शेफाली वर्मा की तूफानी बल्लेबाजी से लिखी गई।
‘स्विंग क्वीन’ की शानदार वापसी
लंबे समय बाद चोट से उबरकर वापसी कर रही तेज गेंदबाज रेणुका सिंह ठाकुर ने एक बार फिर साबित कर दिया कि उन्हें क्यों ‘स्विंग क्वीन’ कहा जाता है। हालांकि उनका पहला ओवर महंगा रहा, लेकिन उसके बाद उन्होंने जबरदस्त नियंत्रण दिखाया। रेणुका ने 4/21 के आंकड़े दर्ज करते हुए श्रीलंकाई शीर्ष क्रम की कमर तोड़ दी।
मैच के बाद रेणुका ने केरल के साथ अपने विशेष लगाव को साझा किया। उन्होंने कहा:
“केरल मेरे लिए बहुत लकी जगह है। मैंने यहां अंडर-19 क्रिकेट भी खेला है और जब भी मैं यहां खेली हूं, मैंने चार विकेट लिए हैं। मैं यहां आने के लिए बहुत उत्साहित थी, यह सच में मेरा लकी ग्राउंड है।”
दीप्ति शर्मा: दुनिया की नंबर-1 गेंदबाज
जहां रेणुका ने शुरुआती झटके दिए, वहीं अनुभवी ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने रनों की गति पर लगाम कसी। बीमारी के बाद वापसी कर रहीं दीप्ति ने 3/18 का स्पेल फेंका। मालशा शेहानी का विकेट लेते ही दीप्ति के 151 टी20आई विकेट पूरे हो गए, और उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की मेगन शुट्ट के विश्व रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। इसके साथ ही दीप्ति दुनिया की पहली क्रिकेटर (पुरुष या महिला) बन गई हैं जिन्होंने टी20आई में 1,000 रन और 150 विकेट का ‘डबल’ पूरा किया है।
शेफाली का तूफान और हरमनप्रीत का रिकॉर्ड
श्रीलंका की टीम 20 ओवरों में केवल 112/7 रन ही बना सकी। इस मामूली लक्ष्य का पीछा करने उतरी शेफाली वर्मा ने श्रीलंकाई गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा दीं। शेफाली ने मात्र 42 गेंदों पर नाबाद 79 रनों की पारी खेली, जिसमें 11 चौके और 3 छक्के शामिल थे। भारत ने यह लक्ष्य मात्र 13.2 ओवरों में हासिल कर लिया।
कप्तान हरमनप्रीत कौर ने भी इस मैच में एक बड़ा मील का पत्थर पार किया। यह उनकी बतौर कप्तान 77वीं जीत थी, जिसके साथ ही उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की पूर्व कप्तान मेग लानिंग का रिकॉर्ड तोड़ दिया और महिला टी20आई इतिहास की सबसे सफल कप्तान बन गईं।
2026 विश्व कप की तैयारी
यह सीरीज भारतीय टीम के लिए जून 2026 में होने वाले आईसीसी महिला टी20 विश्व कप की तैयारी का हिस्सा है। भारतीय प्रबंधन विभिन्न संयोजनों को आजमा रहा है ताकि विश्व कप के लिए एक संतुलित टीम तैयार की जा सके। रेणुका की वापसी ने तेज गेंदबाजी आक्रमण को वह मजबूती दी है जिसकी टीम को तलाश थी।
सीरीज पर कब्जा करने के बाद, अब भारत की नजरें क्लीन स्वीप पर होंगी, जबकि श्रीलंका की टीम साख बचाने के इरादे से मैदान पर उतरेगी।
