भारतीय शेयर बाजार के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे समय तक लगातार बिकवाली करने के बाद विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने एक बार फिर भारतीय बाजार में जोरदार वापसी के संकेत दिए हैं। बीते सप्ताह विदेशी निवेशकों ने कुल ₹3,386 करोड़ का शुद्ध निवेश किया, जिससे निवेशकों के बीच सकारात्मक माहौल बना है। खास बात यह रही कि सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन शुक्रवार को अकेले ₹4,859 करोड़ का निवेश दर्ज किया गया, जिसने बाजार की धारणा को मजबूती प्रदान की।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार यह बदलाव केवल एक दिन की गतिविधि नहीं बल्कि विदेशी निवेशकों के नजरिए में धीरे-धीरे आ रहे परिवर्तन का संकेत है। पिछले कई महीनों से वैश्विक अनिश्चितताओं, ब्याज दरों और भू-राजनीतिक तनावों के कारण विदेशी निवेशक भारतीय इक्विटी बाजार से दूरी बना रहे थे। हालांकि हालिया आंकड़े बताते हैं कि अब निवेशकों का भरोसा फिर से भारतीय बाजार की ओर लौट रहा है।
बजाज ब्रोकिंग के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट (रिसर्च) पबित्रो मुखर्जी के अनुसार, इस निवेश प्रवाह के पीछे सबसे बड़ा कारण FTSE के त्रैमासिक रीबैलेंसिंग से जुड़ी गतिविधियां रही हैं। वैश्विक इंडेक्स में बदलाव के दौरान कई पैसिव फंड्स को अपने पोर्टफोलियो में समायोजन करना पड़ता है, जिसके चलते भारतीय शेयरों में बड़े पैमाने पर निवेश देखने को मिला।
विश्लेषकों का मानना है कि FTSE रीबैलेंसिंग का प्रभाव अल्पकालिक हो सकता है, लेकिन इसके साथ-साथ भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूत बुनियाद भी विदेशी निवेशकों को आकर्षित कर रही है। मजबूत जीडीपी वृद्धि, कॉर्पोरेट आय में सुधार और घरेलू मांग की मजबूती भारत को अन्य उभरते बाजारों की तुलना में अधिक आकर्षक बना रही है।
शुक्रवार को दर्ज हुए ₹4,859 करोड़ के निवेश ने बाजार को अतिरिक्त ऊर्जा प्रदान की। कई बड़े और मिडकैप शेयरों में खरीदारी देखने को मिली, जिससे प्रमुख सूचकांकों को समर्थन मिला। बाजार जानकारों का कहना है कि यदि आने वाले हफ्तों में भी विदेशी निवेशकों का रुख सकारात्मक बना रहता है, तो भारतीय शेयर बाजार नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ सकता है।
हालांकि विशेषज्ञ निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह भी दे रहे हैं। वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों, कच्चे तेल की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक घटनाक्रमों का असर अभी भी बाजार पर पड़ सकता है। ऐसे में विदेशी निवेशकों की वापसी को पूरी तरह स्थायी ट्रेंड मानने से पहले आने वाले कुछ सप्ताह के आंकड़ों पर नजर रखना जरूरी होगा।
इसके बावजूद बाजार में यह धारणा मजबूत हुई है कि विदेशी निवेशकों की हालिया खरीदारी भारतीय इक्विटी बाजार में विश्वास का संकेत है। घरेलू निवेशकों के मजबूत समर्थन और विदेशी पूंजी के नए प्रवाह का संयोजन बाजार को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
फिलहाल एक सप्ताह में ₹3,386 करोड़ के निवेश और शुक्रवार को आए भारी फंड फ्लो ने यह संकेत दिया है कि भारतीय शेयर बाजार में सुधार की संभावनाएं मजबूत हो रही हैं। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आर्थिक संकेतक अनुकूल बने रहे, तो आने वाले महीनों में विदेशी निवेशकों की भागीदारी और बढ़ सकती है।
