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सोना हुआ रिकॉर्ड महंगा: क्या 2025 में ₹1.50 लाख होगा भाव?

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वैश्विक अनिश्चितता और सुरक्षित निवेश की भारी मांग के चलते भारत में सोने की कीमतों ने इस सप्ताह इतिहास रच दिया। शुक्रवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने का भाव अपने अब तक के उच्चतम स्तर ₹1,40,465 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। हालांकि, सत्र के अंत में यह ₹1,39,940 पर बंद हुआ।

साल 2025 के समापन में अब केवल तीन व्यापारिक सत्र (सोमवार, मंगलवार और बुधवार) शेष हैं। ऐसे में निवेशकों और आम जनता के बीच सबसे बड़ी चर्चा यह है कि क्या सोना इसी साल ₹1.50 लाख के जादुई आंकड़े को छू लेगा?

बाजार की वर्तमान स्थिति

शुक्रवार को दिल्ली के हाजिर बाजार में 24-कैरेट सोने का भाव ₹1,39,790 प्रति 10 ग्राम रहा, जबकि आभूषणों के लिए उपयोग होने वाला 22-कैरेट सोना ₹1,28,141 पर बिका। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी जबरदस्त तेजी देखी गई, जहां कॉमेक्स (COMEX) पर सोना $4,584 प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। यह पिछले एक साल के निचले स्तर ($2,608) से लगभग 75% की भारी बढ़त है।

तेजी के मुख्य कारण

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह तेजी वैश्विक स्तर पर जारी ‘आर्थिक तूफानों’ का नतीजा है। ‘एनरिच मनी’ के सीईओ पोनमुडी आर. के अनुसार, “वैश्विक अनिश्चितता के बीच सोना एक सुरक्षित ठिकाने (Anchor Hedge) के रूप में उभरा है। भू-राजनीतिक जोखिम, केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की आक्रामक खरीदारी और वैश्विक ब्याज दरों में कटौती की संभावना ने कीमतों को आसमान पर पहुंचा दिया है।”

तेजी के प्रमुख कारक:

क्या इसी साल दिखेगा ₹1.50 लाख का स्तर?

‘या वेल्थ’ के निदेशक अनुज गुप्ता का कहना है कि अगले तीन दिन काफी महत्वपूर्ण हैं। “तकनीकी चार्ट संकेत दे रहे हैं कि सोना जल्द ही ₹1.45 लाख के स्तर को छू सकता है। ₹1.50 लाख का लक्ष्य इस बात पर निर्भर करेगा कि क्या सोना ₹1.45 लाख के रेजिस्टेंस लेवल को पार कर पाता है। अगर सोमवार या मंगलवार को ब्रेकआउट होता है, तो 2025 में ही ₹1.50 लाख का स्तर संभव है।”

हालांकि, उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि ₹1.45 लाख के स्तर पर निवेशक मुनाफावसूली (Profit-booking) कर सकते हैं, जिससे कीमतों में थोड़ी गिरावट या स्थिरता आ सकती है।

चांदी की भूमिका

इन दिनों चांदी भी सोने के लिए उत्प्रेरक (Catalyst) का काम कर रही है। चांदी की कीमतों में भी भारी उछाल देखा जा रहा है, जो परोक्ष रूप से सोने की कीमतों को ऊपर की ओर धकेल रहा है।

निष्कर्ष

भारतीय संस्कृति में सोना केवल निवेश नहीं, बल्कि सुरक्षा का प्रतीक है। 2015 में ₹30,000 के आसपास रहने वाला सोना आज ₹1.40 लाख के पार है। यह वृद्धि भारतीय उपभोक्ताओं की क्रय शक्ति और भविष्य की आर्थिक चिंताओं को दर्शाती है। अब सबकी निगाहें 2025 के आखिरी तीन दिनों पर टिकी हैं कि क्या ‘पीली धातु’ नया कीर्तिमान स्थापित करेगी।

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