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होरमुज़ संकट: समुद्री टोल और ऊर्जा की बढ़ती कीमतें

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दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण समुद्री जलडमरूमध्य, होरमुज़ की खाड़ी, एक उच्च-स्तरीय भू-राजनीतिक युद्ध के मैदान में बदल गई है। यहाँ ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) ने एक विवादास्पद “संप्रभु टोल” (sovereign toll) प्रणाली लागू की है। ईरान ने वाणिज्यिक जहाजों को जब्त करना और उन्हें अपने क्षेत्रीय जल क्षेत्र में भेजने के लिए मजबूर करना शुरू कर दिया है, जहाँ सुरक्षित मार्ग के बदले भारी भरकम टोल वसूला जा रहा है।

भारत के लिए यह संकट इस सप्ताह उस समय दुखद हो गया जब गुजरात में पंजीकृत मालवाहक जहाज, हाजी अली, ओमान के तट पर एक संदिग्ध ड्रोन हमले के बाद डूब गया। हालांकि चालक दल के सभी 14 भारतीय सदस्यों को बचा लिया गया है, लेकिन इस घटना ने उस घातक जोखिम को उजागर कर दिया है जिसका सामना आज समुद्री क्षेत्र में निर्दोष नाविकों को करना पड़ रहा है।

“डिजिटल टोल बूथ”: IRGC का नया पैंतरा

विशेषज्ञों के अनुसार, ईरान ने “होरमुज़ जलडमरूमध्य प्रबंधन योजना” के तहत एक नई व्यवस्था शुरू की है। इसके तहत, वाणिज्यिक जहाजों को एक विशेष गलियारे से गुजरने के लिए मजबूर किया जाता है जहाँ उन्हें भारी शुल्क देना पड़ता है। रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि तेल टैंकरों के लिए यह शुल्क $0.50 से $1 प्रति बैरल तक है। इसका मतलब है कि एक पूरी तरह से भरे हुए ‘वेरी लार्ज क्रूड कैरियर’ (VLCC) को सुरक्षित मार्ग के लिए $20 लाख (लगभग 16 करोड़ रुपये) तक का भुगतान करना पड़ सकता है।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और अमेरिकी बैंकिंग प्रणाली से बचने के लिए, तेहरान कथित तौर पर चीनी युआन या बिटकॉइन और USDT जैसी क्रिप्टोकरेंसी में भुगतान की मांग कर रहा है। अनुमान है कि इस प्रणाली से ईरान केवल तेल के यातायात से प्रतिदिन $2 करोड़ कमा रहा है।

चीनी जहाजों के लिए राहत: बीजिंग शिखर सम्मेलन

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच बीजिंग में हुई बैठक के बाद इस तनाव में थोड़ी ढील देखी गई। गुरुवार, 14 मई 2026 को ईरान ने 30 वाणिज्यिक जहाजों को, जो मुख्य रूप से चीन के थे या चीनी बंदरगाहों की ओर जा रहे थे, होरमुज़ से गुजरने की अनुमति दी।

बैठक के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने संवाददाताओं से कहा कि राष्ट्रपति शी ने इस जलडमरूमध्य को खुलवाने में मदद करने की पेशकश की है। ट्रंप ने कहा, “उन्होंने (शी जिनपिंग) कहा कि वे होरमुज़ को खुला देखना चाहते हैं और अगर वे किसी भी तरह की मदद कर सकें, तो वे जरूर करेंगे।”

हाजी अली का डूबना: भारत की चिंता

बुधवार को ओमान के तट के पास गुजरात के जहाज हाजी अली पर एक अज्ञात विस्फोटक से हमला हुआ। यह जहाज सोमालिया से शारजाह जा रहा था। विस्फोट के कारण जहाज में आग लग गई और वह डूब गया। ओमान कोस्ट गार्ड ने सभी 14 भारतीय नाविकों को सुरक्षित बचा लिया है। भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे “अस्वीकार्य” बताया है।

ऊर्जा संकट और इंटरनेट केबल पर खतरा

समुद्री तनाव के कारण वैश्विक तेल बाजारों में खलबली मच गई है। ब्रेंट क्रूड $107 प्रति बैरल के पास कारोबार कर रहा है। ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नौसेना की घेराबंदी ने आपूर्ति को और सीमित कर दिया है, जिससे कीमतें $100 के मनोवैज्ञानिक स्तर से ऊपर बनी हुई हैं।

तेल के अलावा, ईरान ने अब समुद्र के नीचे बिछी इंटरनेट केबल पर भी “ट्रांजिट टैक्स” लगाने की धमकी दी है। ईरान का तर्क है कि ये केबल उसके क्षेत्रीय जल क्षेत्र से गुजरती हैं, इसलिए उसे इन पर संप्रभु अधिकार है। इस कदम से गूगल, मेटा और माइक्रोसॉफ्ट जैसी दिग्गज कंपनियों के लिए परिचालन लागत बढ़ सकती है, जिसका सीधा असर इंटरनेट उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है।

वैश्विक प्रतिक्रिया

अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) के महासचिव आर्सेनियो डोमिंगुएज़ ने स्थिति को “अत्यंत चिंताजनक” बताया है। उन्होंने कहा, “नागरिक नाविकों को भू-राजनीतिक तनाव का मोहरा नहीं बनाया जाना चाहिए। यह वैश्विक व्यापार और आर्थिक स्थिरता के लिए एक बड़ा खतरा है।”

भारत सरकार स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है। प्राथमिकता भारतीय नाविकों की सुरक्षा और पारंपरिक व्यापारिक मार्गों की बहाली है। होरमुज़ की खाड़ी अब केवल एक जलमार्ग नहीं, बल्कि एक “डिजिटल टोल बूथ” बन गई है, जो वैश्विक व्यापार के नियमों को चुनौती दे रही है।

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