क्षेत्रीय तनाव और समुद्री गतिविधियों में आई बाधाओं के बीच ओमान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की घोषणा की है। ओमानी सरकार ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र की अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) के साथ समन्वय में एक अस्थायी समुद्री गलियारा (Temporary Maritime Corridor) विकसित किया गया है, जिससे जहाजों की सुरक्षित आवाजाही को बहाल करने में मदद मिलेगी।
ओमान के अनुसार, यह कदम पिछले कई महीनों से क्षेत्रीय संघर्षों के कारण प्रभावित समुद्री परिवहन को सुचारू बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है। अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन का अनुमान है कि इस क्षेत्र में 11,000 से अधिक नाविक (Seafarers) विभिन्न जहाजों पर फंसे हुए हैं। नए चरणबद्ध निकासी और ट्रांजिट प्लान के तहत इन नाविकों को सुरक्षित मार्ग उपलब्ध कराया जाएगा।
ओमान के समुद्री सुरक्षा केंद्र (Maritime Security Centre) ने वर्तमान यातायात विभाजन प्रणाली (Traffic Separation Scheme) के उत्तर और दक्षिण में अस्थायी मार्ग निर्धारित किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा समुद्री मार्ग सामान्य नौवहन के लिए पूरी तरह सुरक्षित नहीं माना जा रहा, इसलिए वैकल्पिक गलियारे का उपयोग किया जाएगा।
इस नई व्यवस्था के तहत गुजरने वाले सभी जहाजों को नियंत्रित प्रक्रिया का पालन करना होगा। जहाज संचालकों को यात्रा से पहले IMO और ओमानी अधिकारियों के साथ सीधे समन्वय स्थापित करना अनिवार्य होगा। सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जहाजों की गतिविधियों की निगरानी भी की जाएगी।
ओमान सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह अस्थायी गलियारा अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून और समुद्र के कानून (Law of the Sea) के सिद्धांतों के अनुरूप संचालित होगा। अधिकारियों ने कहा कि इस मार्ग का उपयोग करने वाले जहाजों से किसी प्रकार का ट्रांजिट शुल्क नहीं लिया जाएगा। इसका उद्देश्य वैश्विक व्यापार को समर्थन देना और समुद्री मार्गों की स्वतंत्रता को बनाए रखना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य विश्व के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। दुनिया के बड़े हिस्से का तेल और गैस निर्यात इसी मार्ग से होकर गुजरता है। ऐसे में यहां किसी भी प्रकार का व्यवधान वैश्विक ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर सीधा प्रभाव डाल सकता है।
इसी बीच ओमान और Iran ने होर्मुज जलडमरूमध्य में दीर्घकालिक नौवहन प्रबंधन और समुद्री सेवाओं को लेकर एक संयुक्त कार्य समूह (Joint Working Group) गठित करने पर सहमति जताई है। यह समूह भविष्य में समुद्री सुरक्षा, नेविगेशन व्यवस्था और क्षेत्रीय सहयोग से जुड़े मुद्दों पर विचार करेगा।
विश्लेषकों के अनुसार, ओमान की यह पहल ऐसे समय में सामने आई है जब वैश्विक समुदाय खाड़ी क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंतित है। अस्थायी गलियारे के निर्माण से न केवल फंसे हुए नाविकों को राहत मिलने की उम्मीद है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक गतिविधियों को भी स्थिरता मिल सकती है।
फिलहाल दुनिया की निगाहें इस नई व्यवस्था के क्रियान्वयन पर टिकी हैं। यदि यह योजना सफल रहती है, तो होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री यातायात को सामान्य बनाने और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
