पीलीभीत में मौत की झपकीः परिवार के 9 लोगों समेत 11 की मौत, मरने वालों में 2 बच्चे भी शामिल

हरिद्वार से गंगा स्नान कर लौट रहा था परिवार

 
ACCIDENT

 

  • रिपोर्टः महेश कौशल

पीलीभीत। उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में तेज रफ्तार अनियंत्रित पिकअप पेड़ से टकराकर खाई में पलट गईजिसके बाद मौके पर ही 8 लोगों की दर्दनाक तरीके से मौत हो गई तो वही दो लोगों ने जिला अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। साथ ही एक घायल की हायर सेंटर जाते वक्त मौत हो गई। फिलहाल पिकअप में सवार 17 लोगों में से अबतक 11 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि 5 लोगों की जिला अस्पताल और एक का बरेली हायर सेंटर में इलाज चल रहा है। घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है। जिससे मौतों के आकड़ो में इजाफा होने की आशंका जताई जा रही है।

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दरअसल लखीमपुर जिले के गोला से एक ही परिवार अपने रिश्तेदार हरिद्वार गंगा स्नान कर अपने घर लौट रहा था। तभी थाना गजरौला इलाके के हाइवे स्थित माला मोड़ के पास पिकअप चालक को अचानक नींद की झपकी आ गई। जिसके बाद पिकअप पहले तो पेड़ से टकराई और बाद में खाई में पलट गई। जिससे 8 लोगो की मौके पर दर्दनाक तरीके से मौत हो गई. और 9 घायलो को जिला अस्पताल भिजवाया गया। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान दो लोगो ने दम तोड़ दिया तो वही एक घायल की हायर सेंटर जाते वक्त मौत हो गई। अबतक 11 लोगों की मौत हो चुकी और 6 लोगो लोगों का इलाज अभी भी जारी है।

एम्बुलेंस में भूसे की तरह घण्टो पड़ी रही डेडबॉडी सीएमएस रहे नदारद

हादसे के बाद मृतकों और घायलों को एंबुलेंस जिला अस्पताल भेजा गया हैरत की बात तो ये है कि सीएमओ जिला अस्पताल से काफी दूरी पर होने के बावजूद भी मौके पर पहुंचे और घायलों का इलाज शुरू किया। जबकि सीएमएस जिला अस्पताल से चंद कदमों की दूरी पर होने के बावजूद भी अस्पताल घंटों बाद पहुंचे। लापरवाही का आलम ये रहा कि एंबुलेंस में पड़ी भूसे की तरह लाश घंटों पड़ी रही, घायल तड़पते रहे। लेकिन फार्मासिस्ट और डॉक्टर के अलावा सीएमएस ने कोई भी इलाज की व्यवस्था नहीं की। जिसके कारण जिला अस्पताल में ही 2 घायलों ने इलाज के अभाव में दम तोड़ दिया।

सीएम योगी ने ट्वीट कर हादसे में जताया दुख

उधर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 11 लोगों की मौतों पर ट्वीट कर हादसे पर दुख व्यक्त किया है। सीएम योगी ने कहा कि घायलों के इलाज और रेस्क्यू के लिए अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए गए हैं। साथ ही घायलों के उचित इलाज के प्रबंध करने के भी निर्देश दिए गए हैं।