दिल्ली में भीषण अग्निकांड, मंडुका इलाके में जिंदा जले 27 लोग, 12 घायल, रेस्क्यू अभियान जारी

जान बचाने के लिए शीशा तोड़कर नीचे कूदे लोग

 
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  • रिपोर्टः प्रभाकर राणा

दिल्ली। पश्चिमी इलाके में मुंडका मेट्रो स्टेशन के पास स्थित चार मंजिला व्यावसायिक इमारत में आग लगने से 27 लोगों की मौत हो गई और 12 अन्य लोग झुलस गए. आग की घटना इमारत की पहली मंजिल में शुरू हुई थी जो एक सीसीटीवी कैमरों और राउटर निर्माण/असेंबलिंग कंपनी का कार्यालय है, जिसके बाद आग ने फैलते हुए पूरे इमारत को अपनी गिरफ्त में ले लिया. आग की जानकारी मिलने के बाद दमकल विभाग मौके पर पहुंचा और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया. 7 घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन में कुल 27 लोगों के शव बरामद किए गए और कई लोग घायल हालात में अस्पताल पहुंचाए गए. जबकि अभी भी 28 लोगों के लापता होने की खबर है। रेस्क्यू ऑपरेशन अभी भी जारी है. 

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दरअसल इस कंपनी में ज्यादातर महिला कर्मचारी काम करती थीं. स्थानीय लोगों की मानें तो जिस वक्त आग लगी उसके बाद शीशा तोड़ के काफी सारे लोग जान बचाने के लिए ऊपर से कूद गए थे, जिनको नजदीकी संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल में भर्ती कराया गया. कई लोगों को आसपास की दुकानों, मकानों और लोगों ने किसी तरह बचाया पर ज्यादातर लोग जो थे वह अंदर ही फंस गए थे.

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मुंडका की जिस फैक्टरी में आग लगी थी. वहां के इंतजामों की हालत ये थी कि बाहर निकलने के लिए एक ही रास्ता था और उसी रास्ते पर जनरेटर लगा था, जिससे आग की शुरुआत हुई। नतीजा ये हुआ कि लोग बाहर ही नहीं निकल पाए। पुलिस ने कंपनी के मालिक गोयल बंधुओं पर शिकंजा कस लिया है और उनको गिरफ्त में लेकर पूछताछ में जुटी है, लेकिन हैरानी की बात ये है कि इस बिल्डिंग में बिना NOC धड़ल्ले से कंपनी चल रही रही थी।

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दिल्ली के मुंडका मेट्रो स्टेशन के पास इमारत में आग लगने से हुई मौतों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल समेत कई नेताओं ने दुख जताया है. वहीं, प्रधानमंत्री मोदी ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये मुआवजा देने का ऐलान किया.