मुजफ्फरनगर की अदालत ने बिहारी नौकर का सुनाई 10 साल की सजा

बुजुर्ग की गैर इरादतन हत्या के मामले में सुनाई सजा, 5 हजार रुपये का जुर्माना भी ठोका

 
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  • रिपोर्टः एम.रहमान (वरिष्ठ पत्रकार, मुजफ्फरनगर)

मुज़फ्फरनगर। अदालत ने 6 साल बाद 85 साल के बुजुर्ग की गैर इरादतन हत्या के मामले में एक बिहारी नौकर को तमाम गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर दोषी करार देते हुए 10 साल की सजा सुनाई है। साथ ही दोषी बिहारी नौकर पर 5 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।

दरअसल, ये मामला मुजफ्फरनगर में एडीजे-11 शाकिर हसन की कोर्ट में विचाराधीन था। अभियोजन की तरफ से एडीजेसी नीरत कां मलिक ने पैरवी की। तमाम गवाहों और सबूतों के आधार पर अदालत ने बिहारी नौकर लखन उर्फ लक्खू को दोषी पाया। अदालत ने इस मामले में लखन उर्फ लक्खू को 10 साल की सजा के साथ-साथ 5 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।

ये था पूरा मामला

अभियोजन के मुताबिक, 18 अप्रैल 2016 को थाना भौराकलां इलाके के ग्राम सिसौली में गन्ने के खेत मे काम कर रहे बिहारी नौकर लक्खू उर्फ लखन द्वारा 85 साल के खेत मालिक चंदन सिंह की फावड़़े काट कर हत्या कर दी थी। इस मामले में परिजनों की तरफ से नौकर के खिलाफ गैर इरादतन फावड़ा मारकर हत्या करने का आईपीसी की धारा 304 के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि गन्ने की खुदाई के लिए कहने पर आरोपी नौकर ने चंदन सिंह को फावड़ा मारकर काट दिया था, जिससे उसकी मौत हो गई थी।