मुजफ्फरनगर में गैंगस्टर कोर्ट ने हत्यारोपी को सुनाई 5 साल की सजा, 5 हजार का जुर्माना भी लगाया

जुर्माना नहीं देने पर भुगतनी होगी 6 माह की अतिरिक्त सजा

 
court room

  • रिपोर्टः एम रहमान, वरिष्ठ पत्रकार (मुजफ्फरनगर)

मुजफ्फरनगर। साढ़े 6 साल पूर्व बिजनौर में तैनात सिपाही की हत्या के मामले में आरोपी डेनिश को गैंगस्टर कोर्ट ने दोषी ठहराया है। कोर्ट ने डेनिश को दोषी ठहराते हुए 5 साल की सजा सुनाई है। साथ ही 5 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. और जुर्माना अदा नहीं करने पर 6 माह की अतिरिक्त सजा भुगतने का आदेश सुनाया है। एक आरोपी को हत्या के मामले में पहले ही आजीवन कारावास की सजा हो चुकी है। वादी की तरफ से संदीप सिंह अभियोजन अधिकारी, दिनेश सिंह पुंडीर और राजेश शर्मा विशेष लोक अभियोजक ने पैरवी की।

दरअसल मामला थाना तितावी इलाके का हैं। जहां बुढ़िकला निवासी वादी संजीव कुमार ने 13 जनवरी 2016 को तितावी थाने में तहरीर देकर बताया कि थाना शामली के संहालका निवासी उसका भतीजा रमन कुमार बिजनौर में सिपाही के पद पर नियुक्त हैं जो छुट्टी पर घर आ रहा था। इस दौरान उसकी अपनी पत्नी से फोन पर बात हुई थी। तो रमन ने कुछ देर में घर आने की बात कही थी। लेकिन शाम साढ़े सात बजे तक भी ज़ब रमन घर नहीं पहुंचा था। जिसके बाद परिजनों ने तलाश किया तो रात करीब साढ़े 11बजे बुढ़िना के जंगल में सुरेंद्र पाल के खेत में रमन का लहूलुहान शव मिला। जिसकी संजीव ने पुलिस को सूचना दी थी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर 2 आरोपियों विचित्र उर्फ़ रवि निवासी हैदरनगर और डेनिश बालियान निवासी जलालपुर थाना तितावी को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया था।

पूर्व प्रभारी निरीक्षक थाना तितावी मुनेंद्र सिंह ने इन दोनों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में चालान किया था और भोरा कला प्रभारी दिगंबर सिंह ने आरोप पत्र कोर्ट में पेश किए थे। मामले में सुनवाई करते हुए गैंगस्टर जज कमलापति ने डेनिश को 5 साल की सजा और 5 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया। साथ ही आदेश सुनाया कि जुर्माना नहीं देने पर 6 माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी है।