मुजफ्फरनगर में 9 साल पुराने मामले में कादिर राणा समेत 3 नेताओं की हाजिरी माफी,11 अगस्त तक सुनवाई स्थगित

भड़काऊ भाषण देने के मामले में 9 लोगों को बनया गया था आरोपी

 
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  • रिपोर्टः एम रहमान, वरिष्ठ पत्रकार (मुजफ्फरनगर)

मुजफ्फरनगर। 9 साल पुराने एक मामले में पूर्व सांसद कादिर राणा, पूर्व विधायक नूर सलीम और पूर्व गृह राज्य मंत्री सईदुज्जमां की तरफ से कोर्ट में हाज़री माफी की अर्ज़ी दी गई। जबकि 6 आरोपी विशेष एमपी/एमएलए कोर्ट में पेश हुए। वो मुजफ्फरनगर के 2013 में हुए सांप्रदायिक दंगे से पहले भड़काऊ भाषण देने के आरोपी हैं। इस मामले में पूर्व सांसद कादिर राणा सहित 9 लोगों को आरोपी बनाया गया था। मामले की सुनवाई 11 अगस्त तक स्थगित कर दी है।

दरअसल 27 अगस्त 2013 को जानसठ इलाके के गांव कवाल में शाहनवाज की हत्या हुई थी। इसके बाद आक्रोशित भीड़ ने पीट-पीटकर ममेरे भाइयों सचिन और गौरव की हत्या कर दी थी। इसके बाद शहर में सांप्रदायिक माहौल खराब होना शुरू हो गया। 30 अगस्त को शहर कोतवाली के शहीद चौक पर जुमे के दिन मुस्लिम समाज के लोगों ने शांति सभा का आयोजन किया था। इस दौरान भड़काऊ भाषण देने का आरोप लगाते हुए तत्कालीन डीएम कौशलराज शर्मा और एसएसपी को ज्ञापन दिया गया था। पुलिस ने पूर्व गृह राज्यमंत्री सईदुज्जमां, पूर्व सांसद कादिर राणा, पूर्व विधायक नूर सलीम राणा, मौलाना जमील अहमद, सलमान सईद, पूर्व सभासद असद समेत 9 लोगों को आरोपी बनाया था।

बता दें कि मामले की सुनवाई सिविल जज सीनियर डिवीजन मयंक जायसवाल की कोर्ट में चली। सोमवार को पूर्व विधायक मौलाना जमील, सलमान सईद, पूर्व सभासद असद जमा, नोशद, अहसान, सुल्तान मशीर समेत 7 नेता कोर्ट में पेश हुए। सिविल जज मयंक जायसवाल ने सुनवाई 11 अगस्त तक स्थगित कर दी है। मामले में बहस होने के बाद आरोप तय होने है।