प्रयागराज में माफिया अतीक के बेटे अली ने पुलिस और एसटीएफ को चकमा देकर कोर्ट में किया सरेंडर, 50 हजार का था इनाम

कोर्ट ने अली को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा नैनी सेंट्रल जेल

 
प्रयागराज

  • रिपोर्टः त्रिभुवन नाथ शर्मा

प्रयागराज। गुजरात जेल में बंद बाहुबली और पूर्व सांसद अतीक अहमद के बेटे मोहम्मद अली ने पुलिस और एसटीएफ को चकमा देकर कोर्ट में सरेंडर कर दिया। अली के खिलाफ करेली पुलिस ने 50 हजार का इनाम घोषित किया था। पिछले साल दिसंबर में अतीक अहमद के रिश्तेदार जीशान ने अली समेत अन्य के खिलाफ करेली थाना में रंगदारी मांगने और जानलेवा हमला करने समेत कई संगीन धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई थी। इस मुकदमे में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

दरअसल अली वारदात के बाद से ही फरार चल रहा था। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश में थी। शनिवार को नाटकीय ढंग से अली दोपहर करीब 12 बजे जिला कोर्ट पहुंचा और सरेंडर कर दिया। हालांकि अली के वकील ने ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट से अली की जमानत मांगी, जिस पर सुनवाई करते हुए जमानत अर्जी को खारिज कर दिया गया। अली अहमद को कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में नैनी सेंट्रल जेल भेज दिया है।

अतीक के बेटे अली अहमद के खिलाफ उसके रिश्तेदार ने ही दिसंबर 2021 को करेली थाने में पांच करोड़ की रंगदारी मांगने और मारपीट करने का मुकदमा दर्ज कराया था। अली अहमद पर आरोप है कि वह अपने साथियों संग गया था। उसने गुजरात के अहमदाबाद के साबरमती जेल में बंद अपने पिता से जीशान की फोन पर बात कराई थी। अली ने जीशान से जमीन अपनी पत्नी के नाम करने के लिए धमकाया था। इसके बाद जीशान की तहरीर पर करेली थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था।

बाहुबली अतीक अहमद के सबसे बड़े बेटे मोहम्मद उमर की अब हिस्ट्रीशीट खोली जानी है। जिला पुलिस ने इसकी कार्यवाही शुरू कर दी है। हिस्ट्रीशीट खोलने के लिए दस्तावेज इकट्ठा किए जा रहे हैं। इससे पहले सीबीआई उमर पर दो लाख रुपये का इनाम घोषित कर चुकी है। तीन साल से जांच एजेंसियों को उसकी तलाश है। 2018 में उमर के खिलाफ लखनऊ के प्रॉपर्टी डीलर मोहित जायसवाल को अगवा कर देवरिया जेल में ले जाकर पिटाई करने के मामले में लखनऊ के कृष्णा नगर थाने में एफआईआर हुई थी। मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा जहां कोर्ट के आदेश पर छह महीने बाद कृष्णा नगर थाने में दर्ज एफआईआर को ही आधार बनाकर सीबीआई लखनऊ की स्पेशल क्राइम ब्रांच ने केस दर्ज कर जांच शुरू की।