9 साल पुराने मामले में माफिया मुख्तार अंसारी को 7 साल की कारावास, अदालत ने 37 हजार का जुर्माना भी ठोका

राज्य सरकार की अपील को मंजूर करते हुए लखनऊ खंडपीठ ने पारित किया आदेश

 
HIGH COURT

इलाहबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने राजधानी लखनऊ के आलमबाग थाने के एक आपराधिक मामले में माफिया मुख्तार अंसारी को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने मुख्तार सात साल के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 37 हजार रुपये का जुर्माना भी ठोका है। ये निर्णय न्यायमूर्ति दिनेश कुमार सिंह की एकल पीठ ने राज्य सरकार की अपील को मंजूर करते हुए पारित किया।

दरअसल वर्ष 2003 में तत्कालीन जेलर एसके अवस्थी ने थाना आलमबाग में मुख्तार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। जिसके मुताबिक जेल में मुख्तार अंसारी से मिलने आए लोगों की तलाशी लेने का आदेश देने पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई थी। साथ ही उनके साथ गाली गलौज करते हुए मुख्तार ने उन पर पिस्तौल भी तान दी थी। इस मामले में ट्रायल कोर्ट ने मुख्तार को बरी कर दिया था जिसके खिलाफ सरकार ने अपील दाखिल की थी।