मुजफ्फरनगरः 10 साल पुराने मामले में कोर्ट में पेश हुए राज्य मंत्री समेत 8 आरोपी, 4 आरोपियों के NBW रद्द

कपिल देव अग्रवाल और विजय शुक्ला समेत 8 आरोपियों के बयान दर्ज

 
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  • रिपोर्टः एम रहमान, वरिष्ठ पत्रकार (मुजफ्फरनगर)

मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा और कौशल विकास राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल और पूर्व विधायक उमेश मलिक समेत 2012 में मुजफ्फरनगर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन रोकने के एक मामले में विशेष एमपी/एमएलए कोर्ट में पेश हुए। शुक्रवार को मंत्री कपिल देव अग्रवाल, बीजेपी जिला अध्यक्ष विजय शुक्ला और पूर्व विधायक उमेश मलिक समेत 8 आरोपियों के 313 में बयान दर्ज किए गए।

दरअसल 2012 में केंद्र सरकार पर किसान विरोधी नीतियों को अपनाने का आरोप लगाते हुए बीजेपी ने रेल रोकने की घोषणा की थी। बीजेपी नेताओं ने प्रदर्शन करते हुए रेलवे स्टेशन पर ट्रेन रोकी थी। आरपीएफ ने रेलवे एक्ट की विभिन्न धाराओं में मौजूदा राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल, मौजूदा बीजेपी जिलाध्यक्ष विजय शुक्ला, पूर्व विधायक उमेश मलिक, पवन तरार, सुनील मित्तल, पूर्व जिला अध्यक्ष यशपाल पंवार, पूर्व विधायक अशोक कंसल और वैभव त्यागी समेत 13 लोगों पर मुकदमा दर्ज कराया था।

मामले की सुनवाई सिविल जज सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या एक के जज मयंक जायसवाल कर रहे हैं। इस मामले में 5 आरोपी पहले ही अपना जुर्म स्वीकार कर जुर्माना जमा कर चुके है। जबकि 8 के खिलाफ सुनवाई चल रही है। मयंक जायसवाल ने मामले पर बहस के लिए अगली तारीख 2 नवंबर नियत की है। इससे पूर्व अदालत ने विधायक उमेश मालिक, बीजेपी जिला अध्यक्ष विजय शुक्ल समेत 4 लोगों के जारी गैर जमानती वारंट रद्द कर दिए। मंत्री कपिल अग्रवाल की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता शिवराज त्यागी और उमेश मालिक की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता श्यामबीर सिंह और विक्रांत मालिक ने पैरवी की।


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