मुजफ्फरनगरः हत्या और जानलेवा हमले के मामले में महिला और उसके 2 बेटों को उम्रकैद

अदालत ने तीनों पर लगाया 35-35 हजार का जुर्माना

 
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  • रिपोर्टः एम रहमान, वरिष्ठ पत्रकार (मुजफ्फरनगर)

मुज़फ्फरनगर। शामली के झिंझाना थाना इलाके में करीब 23 साल पूर्व विवाद को लेकर हुई हत्या और जानलेवा हमले के मामले में मुजफ्फरनगर की अदालत ने महिला और उसके 2 बेटों को दोषी करार दिया है। अदालत ने महिला और उसके दोनों बेटों को उम्रकैद की सजा सुनाते हुए 35-35 हजार का जुर्माना लगाया है।  

दरअसल 19 अप्रैल 1999 को शामली जिले में थाना झिंझाना के ग्राम खोड़समा में खेत में खड़ी गेहूं की फसल काटने को लेकर 2 पक्षों में विवाद हुआ था। जिसके बाद दोनों पक्षों में खूनी संघर्ष में किसान जर्नल सिंह के नौकर रंजीत की गोली लगने से मौत हो गई थी। जबकि किसान के दो बेटे लखमेंद्र और विवेक घायल हो गए थे। पीड़ित किसान जर्नल सिंह ने आरोपी धन्नो और उसके दो बेटे ओमपाल और रामनिवास समेत विशन, चुन्नीलाल, रामशरण को नामजद किया था। मामले की सुनवाई के दौरान विशन, चुन्नीलाल और रामशाराण की मौत हो गई थी।

मामले की सुनवाई एडीजे-4 गोपाल उपाध्याय की कोर्ट में हुई। वादी की ओर से एडीजी सी रेणु शाम ने पैरवी की। गोपाल उपाध्याय की कोर्ट ने गुरुवार को अपना फैसला सुनाते हुए धन्नो और उसके 2 बेटों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही तीनों पर 35-35 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।