ताज़ा अपडेटः दलितों के खिलाफ ढिंढोरा पीटने वालों को 23 मई तक की जेल

दलितों के खिलाफ मुनादी कर उगला था ज़हर, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों को किया था गिरफ्तार
 
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  • रिपोर्टः अमित सैनी/एम.रहमान (वरिष्ठ पत्रकार)
मुजफ्फरनगर। गांव में मुनादी कराकर दलितों को खुलेआम जूतें मारने और 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाने की धमकी देने वाले राजवीर त्यागी को अदालत ने 23 मई तक के लिए जेल भेज दिया है। कुख्यात बदमाश रहे विक्की त्यागी के पिता राजवीर त्यागी को मुनादी करने वाले कुंवरपाल के साथ अदालत ने जेल भेजा है। मामला राष्ट्रव्यापी हाईलाइट होने की वजह से पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों को संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार करते हुए अदालत में पेश किया था।
विशेष अदालत ने भेजा जेल
चरथावल पुलिस ने मामला संज्ञान में आते ही पावटी खुर्द के पूर्व प्रधान एवं कुख्यात बदमाश विक्की त्यागी के पिता राजवीर त्यागी और मुनादी करने वाले कुंवरपाल के खिलाफ संगीन धाराओं में मामला दर्ज किया था। जिसके बाद तुरंत ही दोनों को गिरफ्तार कर पुलिस ने विशेष अदालत अनुसूचित जाति-जनजाति में पेश किया, जहां से जज जमशेद अली ने दोनों आरोपियों को 23 मई तक के लिए जेल भेजने के आदेश दे दिए, जिसके बाद पुलिस दोनों को जेल पहुंचाकर आई।

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ये था पूरा मामला
मुजफ्फरनगर के चरथावल थाना इलाके के पावटी खुर्द गांव के पूर्व प्रधान एवं विक्की त्यागी के पिता राजवीर त्यागी द्वारा सोमवार को एक मुनादी कराई गई थी, जिसमें राजवीर त्यागी की ट्यूबवैल, मेड, खेत, समाधि आदि में कदम रखने पर दलितों को मनाही कराई गई थी। साथ ही ऐसे करने वाले दलितों पर 5 हजार रुपये का जुर्माना और 50 जूते मारने की सरेआम धमकी दी गई थी। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही ये मामला राष्ट्रव्यापी हाईलाइट हो गया। जिसका तत्काल ही एसएसपी मुजफ्फरनगर अभिषेक यादव द्वारा संज्ञान लिया गया और त्वरित कार्रवाई के आदेश दिए। जिस पर चरथावल पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार करके अदालत में पेश किया गया।

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कौन है राजवीर त्यागी?
दरअसल राजवीर त्यागी पावटी खुर्द का पूर्व प्रधान है, जिसका बेटा विक्की त्यागी एक चर्चित एवं मोस्टवांटेड बदमाश रह चुका है। कुख्यात बदमाश विक्की त्यागी अपनी बीवी मीनू त्यागी समेत मुजफ्फरनगर जेल में बंद था। 

Vicky Tyagi_Vikki Tyagi

ऐसे मारा गया था विक्की त्यागी!
कुख्यात बदमाश विक्की त्यागी को चेयरमैन उदयवीर और उसके परिजनों की सामूहिक हत्या के मामले में 16 फरवरी सन् 2015 को मुजफ्फरनगर की कोर्ट में जेल से पेशी पर लाया गया था, जहां भरी अदालत में जज के सामने ही गोलियों से भूनकर मौत के घाट उतार दिया गया था।

Sagar Malik

16 साल का सागर नामक किशोर सिख वकील के भेष में अदालत पहुंचा था, जो अपने साथ मोटी फाइल के बीच में पेज काटकर छिपाई गई पिस्टल लेकर साथ आया था। जैसे ही विक्की त्यागी उर्फ विक्रांत त्यागी को कठघरे में खड़ा किया गया, वैसे ही सागर ने फाइल में छिपाकर लाई गई पिस्टल निकाली और गोलियां बरसाकर विक्की त्यागी को मौत की नींद सुला दिया। उसके बाद वो खुद ही पुलिस के सामने सरेंडर हो गया।
क्या था पूरा मामला? जानने के लिए ये खबर जरूर पढ़े और वीडियो देखेः-UP: मुजफ्फरनगर में दलितों के खिलाफ तुगलकी फरमान, खेतों में कदम रखने पर 5 हजार का जुर्माना और 50 जूतों की सज़ा

मुनादी कराने के पीछे क्या थी वजह?
बताया जा रहा है कि दलित समाज के कुछ बच्चों ने पूर्व प्रधान राजवीर त्यागी के बाग से आम तोड़ लिए थे, जो राजवीर त्यागी को इस कदर नागवार गुजरा कि उसने इसका आरोप पूरे दलित समाज पर मढ़ दिया और पूरे समाज को मुनादी कराकर धमकी दे डाली। आपको बता दें कि पूरे गांव में दलितों के कुल 60 परिवार ही है, जो दबी जुबां में अब अपने ऊपर हो रहे अत्याचार को धीरे-धीरे बयां कर रहे है। 
मामला उछलते ही पहुंच गई थी भीम आर्मी!
जैसे ही ये वीडियो वायरल हुआ, वैसे ही भीम आर्मी के कई सदस्य गांव पावटी में पहुंच गए थे। हालांकि उससे पूर्व ही एसएसपी अभिषेक यादव ने सूझबूझ का परिचय देते हुए चरथावल पुलिस को इस मामले में त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दे दिए थे। जिस पर पुलिस ने संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी थी।