अदालत के फैसले से पहले ही पुलिस ने 'खत्म' कर दी शराब, अब सिर पर लटकी कार्रवाई की तलवार!

इंस्पेक्टर डीके त्यागी को होशियारी दिखानी पड़ी भारी! अदालत ने जारी किया ये आदेश
 
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  • रिपोर्टः एम. रहमान (वरिष्ठ पत्रकार)

मुजफ्फरनगर। कभी-कभी इंसान को होशियारी दिखानी कुछ ज्यादा ही भारी पड़ जाती है। ऐसी ही होशियारी तत्कालीन तितावी थाना प्रभारी डीके त्यागी के गले की फांस बन गई है। मामले की अदालत में सुनवाई से पहले ही इंस्पेक्टर साहब ने भारी मात्रा में बरामद अवैध शराब को ही नष्ट कर दिया, जिस पर अदालत ने घोर नाराज़गी जताते हुए इसे लापरवाही का घोतक करार दिया और एसएसपी को जिम्मेदार पुलिस अफसर के खिलाफ कार्रवाई के आदेश जारी किए।

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दरअसल... साल 2017 में तितावी थाना पुलिस ने भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद की थी, जिसका अपराध संख्या 130/17 है। ये मामला एडीजे-13 शक्ति सिंह की कोर्ट में विचाराधीन था। मामला जब ट्रायल पर पहुंचा और गवाही शुरू हुई तो मालूम हुआ कि जिस बरामद शराब की सरकारी गवाह से तस्दीक कराई जानी है, उसे तो पुलिस पहले ही खत्म कर चुकी है। कोर्ट में जब पत्रावलियों का अवलोकन किया गया तो पाया गया कि तत्कालीन तितावी इंस्पेक्टर डीके त्यागी ने अपनी रिपोर्ट में बताया हुआ है कि माल मुकदमा शराब को नष्ट किया जा चुका है। एडीजे-13 शक्ति सिंह ने इसे इंस्पेक्टर की घोर लापरवाही बताया और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुजफ्फरनगर को लापरवाह पुलिस अफसर के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश जारी कर दिया।

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आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जब तक मुकदके का निष्तारण नहीं हो जाता... या यूं कहिए कि जब तक मुकदमे के संबंध में अदालत कोई फैसला नहीं सुना देती अथवा दिशा-निर्देश जारी नहीं कर देती, तब तक माल मुकदमे को नष्ट नहीं किया जा सकता।