मुजफ्फरनगरः प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बिंदल और गर्ग डुप्लेक्स समेत 11पेपर मिल्स का भरा ईलाज, वसूले 20लाख

प्रदूषण की वजह से लगा था जुर्माना, लखनऊ मुख्यालय से संस्तुति के बाद विभाग ने वसूला
 
pollutation paper mills

 

मुजफ्फरनगर। प्रदूषण फैलाने वाली जिले की 11 पेपर मिल पर प्रदूषण नियत्रंण बोर्ड ने मोटा जुर्माना ठोका है। स्थानीय प्रदूषण विभाग के अधिकारियों ने जनवरी माह 2023 में कुल 11 फैक्ट्रियों से 20 लाख 60 हजार रुपये का जुर्माना वसूल किया।

दरअसल, एनजीटी के निर्देशों के मुताबिक चलाए गए अभियान के तहत प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड मुजफ्फरनगर की टीम ने कई फैक्ट्रियों और पेपर मिलों पर अक्टूबर-नवंबर 2022 में छापेमार कार्रवाई की थी। जांच दौरान कई पेपर मिलों में प्रदूषण का स्तर मानकों से खराब पाया गया था, जिस पर विभाग द्वारा उन पर जुर्माना लगाते हुए रिपोर्ट लखनऊ मुख्यालय को भेजी थी। जहां से जनवरी माह में जुर्माने पर संतुति होकर मुजफ्फरनगर आ गई। जिसके बाद विभाग ने जुर्माने की कुल 20 लाख 60 हजार रुपये की रकम वसूल ली।

किस पेपर मिल पर कितना लगा जुर्माना

  1. बिंदल पेपर मिल लिमिटेड, भोपा रोड, मुजफ्फरनगर। (2 लाख 10 हजार रुपये)
  2. गर्ग डुप्लेक्स एडं पेपर मिल्स प्राइवेट लिमिटेड भोपा रोड, मुजफ्फरनगर। (1 लाख 50 हजार रुपये)
  3. मीनू पेपर्स प्राइवेट लिमिटेड, भोपा रोड, मुजफ्फरनगर। (2 लाख 10 हजार रुपये)
  4. श्री भागेश्वरी पेपर मिल्स प्राइवेट लिमिटेड (यूनिट-1), भोपा रोड, मुजफ्फरनगर! (1 लाख 80 हजार रुपये)
  5. श्री सिद्धबली पेपर मिल्स प्राइवेट लिमिटेड, भोपा रोड, मुजफ्फरनगर। (2 लाख 10 हजार रुपये)
  6. सिल्वरटोन पल्प एडं पेपर प्राइवेट लिमिटेड (यूनिट-2), भोपा रोड, मुजफ्फरनगर। (1 लाख 50 हजार रुपये)
  7. सिल्वरटोन पेपर लिमिटेड (यूनिट-1), भोपा रोड, मुजफ्फरनगर। (2 लाख 10 हजार रुपये)
  8. सिल्वरटोन पेपर लिमिटेड (यूनिट-2), भोपा रोड, मुजफ्फरनगर। (2 लाख 10 हजार रुपये)
  9. गैलेक्सी पेपर्स प्राइवेट लिमिटेड, जौली रोड, मुजफ्फरनगर। (1 लाख 40 हजार रुपये)
  10. टीहरी पल्प एडं पेपर्स लिमिटेड (यूनिट-1), भोपा रोड, मुजफ्फरनगर। (1 लाख 80 हजार रुपये)
  11. तिरूपति बालाजी फाइबर लिमिटेड, भोपा रोड, मुजफ्फरनगर। (2 लाख 10 हजार रुपये)

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड मुजफ्फरनगर के एई विपुल कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि 'पेपर मिल्स पर जुर्माने की रिपोर्ट लखनऊ मुख्यालय भेजी गई थी। संस्तुति के बाद जनवरी माह में इन पेपर मिल्स से कुल 20 लाख 60 हजार रुपये की रकम बतौर जुर्माना वसूला जा चुका है।'

'माह अक्टूबर-नवंबर 2022 में एनजीटी के निर्देशानुसार संयुक्त कार्रवाई की गई थी। जिसमें कुछ फैक्टरियों द्वारा राख का डिस्पोजल सहीं से नहीं कर पाना पाया गया था। जिसके आधार रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को प्रेषित कर दी गई थी। उसके बाद एनजीटी के निर्देश पर लगाया गया जुर्माना जनवरी माह में वसूल लिया गया था।' -अंकित कुमार, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, मुजफ्फरनगर


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