मुजफ्फरनगरः हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी बहाल नहीं हुए चेयरपर्सन के वित्तीय अधिकार, खटखटाएंगी कोर्ट का दरवाजा

2 सितंबर को हाईकोर्ट ने अंजू अग्रवाल के वित्तीय अधिकार बहाल करने के दिए थे आदेश

 
अंजू अग्रवाल

मुजफ्फरनगर। हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद वित्तीय अधिकार बहाल न होने पर पालिका चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल ने जिला प्रशासन के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की बात कही है। हाईकोर्ट आदेश की सत्यापित कॉपी जिला प्रशासन को रिसीव कराने के बावजूद वित्तीय अधिकार बहाल न होते देख पालिका चेयरपर्सन ने ये निर्णय लिया है।

नगर पालिका परिषद चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल के खिलाफ हुई शिकायतों की जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रदेश शासन ने कार्रवाई की थी। जिसके बाद 19 जुलाई 2022 को प्रमुख सचिव नगर विकास विभाग उत्तर प्रदेश ने उनके वित्तीय अधिकार सीज करने का आदेश जारी किया। इसके बाद शासन के निर्देश पर डीएम चंद्रभूषण सिंह ने नगर मजिस्ट्रेट अनूप कुमार को नगरपालिका प्रशासक नियुक्त कर उन्हें वित्तीय अधिकार सौंप दिये थे।

शासन के इस आदेश को चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल ने एकतरफा और बेबुनियाद बताते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उन्होंने हाईकोर्ट इलाहाबाद में इसके विरुद्ध याचिका दायर की और शासन की कार्रवाई पर अपना पक्ष रखते हुए सुनवाई का मौका नहीं देने और उनके द्वारा भेजे गए जवाबों का संज्ञान नहीं लेने के आरोप लगाए थे। 2 सितंबर 2022 को हाईकोर्ट ने उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए शासन का 19 जुलाई 2022 का वो आदेश खारिज कर दिया जिससे उनके वित्तीय अधिकार सीज किए गए थे। हाईकोर्ट ने शासन को 14 दिन के भीतर जवाबों का परीक्षण करने के निर्देश दिए। हाईकोर्ट में शासन का आदेश खारिज होने के कारण चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल की वित्तीय शक्ति बहाल हो गयी थी।

हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद वित्तीय अधिकार बहाल न होने से नाराज पालिका चेयरपर्सन अंजु अग्रवाल ने अवमानना की कार्रवाई के लिए हाईकोर्ट जाने की बात कही। पालिका चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल का कहना है कि ये स्थिति दुर्भाग्यपूर्ण है। हाईकोर्ट के आदेश का पालन करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर कोई भी कदम नहीं उठाया गया है।