मुजफ्फरनगर: सिखेड़ा इलाके में धड़ल्ले से चल रहा सरिया-स्क्रैप चोरी का काला खेल, मिलकर मलाई चाट रहे सब!

रात के अंधेरे में ट्रक से उतारा जा रहा सरिया और स्क्रैप, दिन निकलने से पहले ही खपा दिया जाता है चोरी का पूरा माल!
 
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अमित सैनी, प्रधान संपादक

मुजफ्फरनगर। सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ जंग खाई व्यवस्था को चाहे कितना ही क्यों ना रगड़ लें, लेकिन ना तो सिस्टम सुधर रहा है और ना ही काले कारनामों पर ही लगाम लग पा रही है। ऐसा ही एक मामला मुजफ्फरनगर के सिखेड़ा थाना इलाके से सामने आया है, जहां रात के अंधेरे में बड़े पैमाने पर सरिया और स्क्रैप चोरी का खेल चल रहा है। इतना ही नहीं दिन निकलने से पहले चोरी के इस सरिए और स्क्रैप को हजम भी कर लिया जाता है।

ये है पूरा मामला

दरअसल, सिखेड़ा थाना इलाके के पानीपत-खटीमा राष्ट्रीय राजमार्ग पर निराना गांव और नंगला गांव के बाहरी छोर पर लॉडेड ट्रक से रात के वक्त सरिया और स्क्रेप उतारा जा रहा है। ये ट्रक अपने गंतव्य पर पहुंचने से पहले ही निराना और सिखेड़ा थाने से चंद कदमों की दूरी पर सड़क किनारे बैठे माफियाओं के गोदाम में जाकर हल्के हो जाते हैं और फिर लाल मिट्टी डालकर वजन को पूरा कर लिया जाता है। पिछले काफी दिनों से ये गौरख धंधा बड़े पैमाने पर फल-फूलता जा रहा है। पुलिस की खुली आंखों के सामने चल रहे इस धंधे से कई माफियाओं के वारे के न्यारें हो रहे हैं। इस पूरे खेल में ट्रक चालक और परिचालकों की पूर्ण भूमिका होती है। वो औने-पौने दामों में कीमती सरिया और स्क्रैप उतारकर चले जाते है, जबकि माफिया उसे उसकी असल कीमत में बेचकर मोटा मुनाफा कमाते हैं। खास बात ये है कि ये पूरा काला खेल रात के अंधेरे में होता है और सुबह होने से पहले ही सरिया अथवा स्क्रैप गोदाम/चार दीवारी के अंदर से हटा लिया जाता है।

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File Photo

सक्रिय है दो माफिया, टकराव के भी आसार!

पुलिस सूत्रों के मुताबिक इस पूरे खेल में दो गिरोह सक्रिय है। एक गिरोह गांव निराने वालों का है, जबकि दूसरा गिरोह भगवानपुरी सिखरेड़ा का है। दोनों के बीच में जबरदस्त तरीके से कॉम्पीटिशन है। इलाके के लोगों का कहना है कि दोनों गिरोह के बीच इस कदर कॉम्पीटिशन चल रहा है कि कभी भी दोनों के बीच टकराव हो सकता है, जिसका परिणाम गंभीर हो सकता है।

निराना में स्क्रैप और नंगला में उतरता है सरिया!

आपको जानकर हैरत होगी कि सरिया चोरी से उतरने का गोरखधंधा सिखेड़ा थाने से चंद कदमों की दूरी पर चल रहा है। सिखेड़ा थाने से जानसठ की तरफ गंग नहर से पहले स्थित बिजलीघर के आसपास हर रोज़ चोरी से सरिया उतर रहा है, जबकि पुलिस जानकारी होने से ही इंकार कर रही है, जो किसे के भी गले से नहीं उतर रहा। सटीक सूचना तो ये है कि सरिया उतारने वाले माफियाओं में एक चोरवाला का रहने वाला है।

आपको ये भी बता दें कि स्क्रैप निराना इलाके में सक्रिय दो माफियाओं के अंडर उतारा जा रहा है।

पुलिस के पेट में क्यों हुआ दर्द?

मामला संज्ञान में आते ही समाचार टुडे ने जब तह तक पहुंचने की कोशिश की तो परत-दर-परत खुलती चली गई। हैरत इस बात की है कि इस पूरे खेल में पुलिस की भी भूमिका पूरी तरह से संदिग्ध है। जैसे ही इस मामले को लेकर हमारी टीम ने पड़ताल शुरू की और पुलिस के कानों तक ये खबर पहुंची, वैसे ही पुलिस वालों के फोन घनघनाने शुरू हो गए।

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कथित पत्रकार भी काट रहा चांदी

पुलिस ही नहीं, तथाकथित स्थानीय पत्रकार की भी भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। विश्वस्त सूत्रों की माने तो एक चैनल में काम करने वाला स्थानीय व्यक्ति इस खेल में पूरी तरह से चांदी काटे हुए है। बताया जा रहा है कि हाल ही में कथित व्यक्ति ने दोनों माफियाओं से मामला दबाए रखने के एवज में मोटी रकम वसूली है। साथ ही सभी मीडिया संस्थानों में खबर पब्लिश/प्रसारित ना होने का ठेका लिया है।

 

'मामले की जानकारी नहीं है। अगर ऐसा कुछ हो रहा है तो जांच कराकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।' - हिमांशु गौरव, क्षेत्राधिकारी, नई मंडी