जिंदगी की जंग हार गई दुष्कर्म पीड़िता, इलाज के दौरान लखनऊ के केजीएमयू में तोड़ दम

आरोपियों ने वारदात के बाद जला दिया था जिंदा

 
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  • रिपोर्टः महेश कौशल

पीलीभीत। उत्तर प्रदेश में जहां एक तरफ लखीमपुर का मामला शांत होने का नाम नहीं ले रहा है, वही जनपद पीलीभीत में दुष्कर्म के बाद आरोपियों द्वारा किशोरी को जिन्दा आग क़े हवाले करनें का मामला सामने आया है, जहां किशोरी को बूरी तरह झूलसने के बाद उसे हायर सेंटर रेफर किया गया था, जहाँ इलाज क़े दौरान जिंदगी और मौत से जूझ रही बच्ची नें 12 दिन बाद 20 सितंबर को दम तोड़ दिया। मौत के बाद उसके शव को पीलीभीत उसके घर ले जाया गया, जहाँ प्रशासन कि देखरेख और सुरक्षा के बीच उसका अंतिम संस्कार किया गया, हांलाकि एसएसपी के निर्देश पर पुलिस नें दोनों आरोपियों पर मुक़दमा दर्ज कर अरेस्ट कर लिया है, मगर जनपद में इस घटना के बाद मानों एक सन्नाटा पसर गया हों।

दरअसल... ये पूरी घटना माधोटांडा थाना इलाके की है, जहाँ दोपहर में किशोरी घर में खाना बना रही थी। इसी बीच गांव के 2 युवकों ने उसके घर में घुस कर दुष्कर्म किया और उसके बाद आरोपियों नें किशोरी पर पेट्रोल डालकर आग क़े हवाले कर दिया था। आग की चपेट में आने से किशोरी बुरी तरह झुलस गई। इस दौरान आनन-फानन में परिजनों ने किशोरी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। इलाज क़े दौरान शनिवार देर रात किशोरी को होश आया, तो किशोरी ने अपने साथ हुई घटना की जानकारी अपने परिजनो को दी। किशोरी की हालत गंभीर होने की कारण उसे हायर सेंटर रेफर कराया गया था। इस बीच इलाज क़े दौरान लखनऊ के केजीएमयू  में उसकी मृत्यु हो गई। उसके बाद उसके शव को पीलीभीत उसके घर लाया गया, प्रशासन की सुरक्षा क़े बीच शव का अंतिम संस्कार किया गया। घटना के बाद गांव मे अब भी भारी पुलिस फ़ोर्स तैनात है। इस पूरी घटना में संज्ञान लेने क़े बाद एसएसपी दिनेश कुमार क़े निर्देश पर धारा 376 समेत अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ़्तार कर लिया गया है।

मृतका क़े नाना नें पीड़ित परिवार को न्याय, आरोपियों को फांसी सजा, परिवार को सुरक्षा, और जो आरोपियों कि तरफ से 50 लेडीज और 25 जेंट्स अनुचित समझौते का दबाव बना रहे थे उन पर कार्रवाई की मांग कि है।