भाई बना मजलूम बहिन का दुश्मन, वृद्धा ने कप्तान से लगाई गुहार

बहन का मकान हड़पने का रचा षड्यंत्र

 
फाइल फोटो
  • रिपोर्टः आसिम अली

एक ओर योगी सरकार महिलाओं को मान सम्मान और बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा देकर उन्हें स्वावलम्बी बना रही है वहीं दूसरी और महिलाओं पर अत्याचार थमने का नाम नहीं ले रहे हैं! ऐसा ही एक मामला बदायूं के कस्बा उझानी से सामने आया है जहां एक वृद्धा जो भीख मांगकर अपना पेट भर रही है जिसके झोपड़ी नुमा मकान पर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है! इतना ही नहीं पुलिस से भी उसे दुत्कार मिली तो उसने कप्तान के दरबार मे न्याय की गुहार लगाई है                              

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पूरा मामला कस्बा उझानी के मोहल्ला पठान टोला का है जहां इसारा बेगम पत्नी छोटे शाह गरीबी में गुजर बसर कर अपना जीवन यापन कर रही है! इसारा बेगम की मानें तो उसकी मां ने उसकी गरीबी और बेबसी को देख उसे 30 गज जगह रहने को दी थी जिसपर वो पिछले 60 साल से काबिज है और उसे मालिकाना हक देते हुए उसके नाम वसीयत भी लिख दी थी ताकि उसे कोई परेशान ना करे, उसने पीएम आवास योजना का फार्म भर दिया जो उसका मंजूर हो गया और उसके खाते में पहली किश्त भी गई

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जिससे उसे उम्मीद जगी कि अब उसे पक्की छत मिल जायेगी लेकिन कुदरत को शायद ये भी मंजूर ना था और उसके सपने उस वक्त चकना चूर हो गए जब उसकी निर्माण सामिग्री को रातों रात गायब कर दिया गया! इसारा ने बताया कि उसके सगे भाई मुश्ताक ने उसकी निर्माण सामग्री चुरा ली और उसकी झोपड़ी नुमा जगह पर भी कब्जा कर रहा है जिसकी शिकायत उसने पुलिस से भी की लेकिन उसे दुत्कार ही मिली! तब उसने एसएसपी के दरबार मे शरण ली और न्याय की गुहार लगाई!

बेसहारा इसारा बेगम ने एसएसपी को दिए शिकायती पत्र में कहा है कि पीएम आवास योजना में उसे पात्र माना और उसे मकान बनवाने की मंजूरी मिली तो उसने सरिया, सीमेंट आदि खरीदी थी लेकिन उसके भाई ने उसे भी रातों रात गायब कर दी, औऱ उसका भाई मुश्ताक उसके आशियाने पर ना सिर्फ कब्जा जमाए बैठा है बल्कि उसे जान से मारने की धमकी भी दे रहा है।