मुरादाबादः ‘खाकी’ बचाने के लिए पुलिस ने विधवा को बना दिया कातिल

पति के अंतिम दर्शन से भी महरूम रह गई साधना

 
फाइल फोटो
  • रिपोर्टः सुधीर गोयल

मुरादाबाद। यूपी पुलिस ने फिर खेल कर दिया। इस बार पुलिस ने अपने आप को बचाने के लिए एक दिन की विधवा को ही कातिल बना दिया है। यही नहीं पति के अंतिम संस्कार से पहले ही महिला को हिरासत में भी ले लिया। हालांकि केस बहुत गहरा और कई पहलुओं पर बारीकी से जांच होनी भी जरूरी है। बहरहाल...मुरादाबाद पुलिस ने रिपोर्ट में अपने साथियों को बचाने में सफलता प्राप्त कर ली है।  अब देखना ये है कि तफ्तीश में पुलिस का क्या रवैया रहता है। घटना और पुलिस की कारगुजारी फिलहाल इलाके में चर्चा बनी हुई है।

पति-पत्नी में हुआ था विवाद

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दरअसल... जिले के थाना भोजपुर के गांव सेहल में रहने वाला भूपेंद्र पांडेय विवेकानंद नर्सिंग होम में नर्सिंग सुपरवाइजर के पद पर तैनात था। भूपेंद्र का पत्नी साधना से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। साधना ने मायके वालों को बताया तो सुबह परिजन आ गए। भूपेंद्र के परिजनों के अनुसार विवाद बढ़ने पर शुक्रवार सुबह करीब दस बजे पीआरवी में तैनात दो पुलिस कर्मी भूपेंद्र के घर पहुंचे। आरोप है कि सिपाहियों ने भूपेंद्र के साथ गाली-गलौच की और उसे गिरफ्तार करके पुलिस वाहन में बैठाने लगे।

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विरोध करने पर पुलिस वालों ने डंडों से पिटाई कर दी। एक बार तो भूपेंद्र गांव से भाग गया था, लेकिन पुलिस वालों ने भूपेंद्र के छोटे भाई को पकड़ लिया। छोटे भाई के फोन करने पर भूपेंद्र लौट आया। ग्राम प्रधान भी मौके पर आ गए थे। परिजनों के अनुसार पुलिस कर्मियों ने भूपेंद्र को गाड़ी में बैठाकर ले गए। रास्ते में हालत बिगड़ने पर फ्रोटोन अस्पताल ले गए, जहां हालत गंभीर होने पर एशियन विवेकानंद लेकर आए। जहां चिकित्सकों ने भूपेंद्र को मृत घोषित कर दिया।

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गौरतलब है कि भूपेंद्र की मौत होने से परिवार एवं ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। उन्होंने अस्पताल के सामने हाईवे पर शव रखकर जाम लगा दिया था। पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते लोगों ने हंगामा किया। हंगामे की सूचना पर पहुंचे एसपी देहात विद्याशंकर और सीओ ठाकुरद्वारा ने परिजनों की मांग पर पुलिस को शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। उन्होंने पत्रकारों से कहा था कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण बहुत स्पष्ट नहीं होने पर विसरा जांच के लिए भेजने पर फैसला हुआ है। हालांकि पोस्टमार्टम 2 चिकित्सकों ने किया था। पत्नी साधना को पुलिस ने रात में हिरासत में लेने के कारण पति के अंतिम दर्शन भी सही से नहीं कर सकी।

बहरहाल, तहरीर के आधार पर साधना और उसके दो भाइयों प्रदीप एवं विनोद को पुलिस ने हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। जिसके बाद भूपेंद्र का अंतिम संस्कार कर दिया गया।