सावधानः बीच सड़क कूड़ा डालने वालों पर लगेगा जुर्माना, नहीं मानने पर किया जाएगा मुकदमा दर्ज

लखनऊ में नगर निगम ने जारी किया ये आदेश

 
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लखनऊ। स्वच्छ भारत अभियान को यूपी की राजधानी के लोग मटियामेट करने पर तुले हुए हैं। शहर को साफ बनाने और कूड़े के सही निस्तारण के लिए नगर निगम की घर-घर से कूड़ा उठाने की व्यवस्था जारी है। लेकिन इस व्यवस्था का मुफ्त चाहने वाले शहर की आबोहवा के दुश्मन बन रहे हैं। निगम की इस गाड़ी के लिए हर महीने 100 रुपये नहीं देना पड़ें इसलिए आधी रात अपने घर का कूड़ा बीच सड़क पर ही फेंक जाते हैं, समस्या इतनी बढ़ गई है कि नगर निगम ने अब ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का मन बना लिया है। अब ऐसे लोगों पर जुर्माना भी लगेगा और नहीं मानने पर मुकदमा भी दर्ज किया जाएगा।

दरअसल... लखनऊ के ज्यादातर इलाकों में आलम ये है कि लोग 100 रुपये बचाने के लिए नगर निगम की गाड़ी को कूड़ा नहीं देकर इधर-उधर फेंक रहे हैं। पन्नी में कूड़ा बांधकर सड़क किनारे, खंभों के पास, नाले के अंदर या खाली पड़ी ज़मीनों पर फेंका जा रहा है। शहर में जगह-जगह कूडे़ का ढेर नज़र आ ही रहा है और इससे कई तरह के संक्रामक रोगों का खतरा भी आसपास के इलाकों में बढ़ रहा है। निगम कर्मचारियों के साथ ही कुछ शहरियों का कहना भी यही है कि लोगों का ये बर्ताव गलत है।

राजाजीपुरम में नगर निगम के कर्मचारी मुकेश शर्मा ने बताया कि बड़े घरों में रहने वाले लोग मात्र 50 से 100 रुपये के लिए निगम की व्यवस्था को नहीं मानते। आधी रात को या तड़के ही घर के बाहर कूड़ा डाल देते हैं। राजाजीपुरम में कूड़ा गाड़ी के ड्राइवर अहमद ने बताया कि लोग ज्यादातर यहीं कहते हैं कि निःशुल्क व्यवस्था नहीं हुई तो तो घर के बाहर ही कचरा फेंक देंगे। स्थानीय निवासी सीता ने कहा कि ये निहायत गलत बात है। गाड़ी घर तक आ रही है, कूड़ा उठाने के लिए उसे मामूली शुल्क देने में किसी को ऐतराज़ नहीं होना चाहिए।