काशीपुर के रैप सिंगर ने संस्कृत भाषा में रैप गाकर नया इतिहास किया कायम

इंडिया बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स में दर्ज कराया अपना नाम, देश का नाम किया रोशन

 
rap singer

 

  • रिपोर्टः तनवीर अंसारी

सितारगंज। आज दुनिया भर में लगभग 6900 भाषाओं का प्रयोग किया जाता है। लेकिन इन भाषाओं की जननी संस्कृत भाषा ही कहीं लुप्त हो चुकी है, संस्कृत भाषा को आज के टाइम में पढ़ना और लिखना दोनों ही कठिन माना जाता है ऐसे में उसी भाषा को उभारने के प्रयास में काशीपुर के एक रैप सिंगर ने संस्कृत भाषा में रैप गाकर एक नया इतिहास कायम कर दिया।

कहते हैं जिनके हौसले बुलंद हों, वे अपने परिश्रम से जीवन की ऊंचाईयों को छूकर अपना लक्ष्य प्राप्त कर लेते हैं। कुछ ऐसा ही सितारगंज में काशीपुर के होनहार युवक शगुन उर्फ श्लोक ने एक ऐसा रेप लिख दिया। जिस भाषा को पढ़ने और लिखने में लोगों के पसीने छूट जाते हैं, उसी संस्कृत भाषा में श्लोक ने एक रैप सॉन्ग गाकर इंडिया बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज करा कर देश का गौरव बढ़ाया है।

श्लोक भारद्वाज ने बताया कि उनके पिता का निधन होने के बाद स्कूली जिंदगी में ही अपने परिवार के पालन पोषण की जिम्मेदारी कंधों पर आ गई थी। पढ़ाई के साथ नौकरी और अपना सिंगर बनने का सपना पूरा करने के हौसले ने नहीं तो चैन से जीने दिया नहीं सोने दिया। दिन में नौकरी और रात को अपने सपनो की उड़ान ने श्लोक भारद्वाज के नाम कई खिताब लिख दिए। पहले भी श्लोक भारद्वाज द्वारा देश के अंदर पहला ऐसा रैप सॉन्ग गाया गया जिसमें हर शब्द की शुरुआत 'बा ' शब्द से ही हुई जिसे गा कर इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड का खिताब अपने नाम कर लिया था और अब भाषाओं की जननी संस्कृत भाषा को आगे बढ़ाने के प्रयास ने फिर एक और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड का खिताब श्लोक के नाम कर दिया।

श्लोक ने बताया कि उनके सपने बड़े हैं इरादे मजबूत हैं पर मजबूरियां भी बहुत हैं। कई बार घर की स्थिति ने हौसलों को तोड़ने की कोशिश की पर उन्होंने सपने नहीं टूटने दिए। संस्कृत भाषा का रैप सुनो कर उनके दोस्तों के साथ-साथ मां बहने भी फर्क कर रही है। श्लोक की मां का कहना है वो दिन रात मेहनत करता है पता नहीं कब सोता है कब जागता है।