मुजफ्फरनगर जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में हुआ हंगामा, मानदेय लौटाकर चले गए विपक्षी सदस्य

विपक्षी सदस्यों के वार्ड में विकास कार्य नहीं कराने का लगाया आरोप

 
मुजफ्फरनगर

मुजफ्फरनगर। जिला पंचायत की बोर्ड बैठक में विपक्षी सदस्यों ने सतेंद्र बालियान के नेतृत्व में हंगामा किया। जिला पंचायत अध्यक्ष पर विपक्षी सदस्यों के वार्ड में विकास कार्य नहीं कराने का आरोप लगाया। बैठक का बहिष्कार करते हुए मानदेय भी लौटा दिया और वापस चले गए। बोर्ड बैठक में एक विशेष प्रस्ताव सहित कुल 10 प्रस्ताव पारित किए गए। इनमें 229.54 लाख रुपये की लागत से पांच गांवों में अमृत सरोवर का प्रस्ताव भी शामिल रहा।

कलेक्ट्रेट स्थित जिला पंचायत के चौधरी चरण सिंह सभागार में तीसरी बैठक का आयोजन किया गया। इसमें राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल भी मौजूद रहे। बैठक शुरू होते ही विपक्षी दल के अध्यक्ष सतेंद्र बालियान ने पंचायत अध्यक्ष पर भेदभाव का आरोप लगाया और हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने अपने साथी सदस्य इरशाद और अंकित बालियान आदि के साथ मिलकर विरोध जताते हुए कहा कि विपक्ष के क्षेत्रों में कार्य नहीं कराया जा रहा है। बाद में वे मंच के सामने पहुंचे और सदस्यों के साथ हंगामा किया।

बैठक के लिए मिलने वाला 1500 रुपये का नकद मानदेय भी उन्होने अध्यक्ष को लौटाते हुए कहा कि उनको मानदेय नहीं जनता के लिए काम चाहिए। वे काम नहीं मिलने पर विरोध दर्ज कराते हुए विपक्षी सदस्यों के साथ बैठक का बहिष्कार कर चले गए। इसके बाद बैठक की कार्रवाई चली। एएमए जितेंद्र कुमार ने एजेंडा सामने रखा और चर्चा की। वहीं एमएलसी वंदना वर्मा ने बैठक में जिला पंचायत की भूमि पर अवैध कब्जों को हटवाने के लिए मजबूती के साथ कानूनी लड़ाई लड़ने का सुझाव रखा। विधायक खतौली विक्रम सैनी, ब्लॉक प्रमुख अनिल कुमार के साथ ही जिला पंचायत सदस्य अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

बैठक में विशेष प्रस्ताव वित्तीय वर्ष 2022-23 विभव एवं संपत्ति कर की सूची की स्वीकृति पर विचार किया गया। इसके साथ ही बैठक में कुल 10 प्रस्ताव पारित किए गए। गांव बसीकलां में गौवंश आश्रय स्थल के लिए भूमि देने के लिए बोर्ड ने इंकार कर दिया, इसके साथ ही पांच करोड़ रुपये की लागत से अपनी गौशाला निर्माण के प्रस्ताव पर सहमति नहीं बनने के कारण इसको विचार के लिए अगली बैठक के लिए स्थगित किया गया।

बैठक में सदस्यों ने इस बात पर ऐतराज जताया कि जिला योजना बनाने में उनसे कोई भी प्रस्ताव नहीं लिया जाता, उन्होंने प्रशासनिक स्तर पर जिला पंचायत को भेजी गयी 328 करोड़ रुपये की जिला योजना के अनुमोदित करने से इंकार कर दिया। इसके साथ ही ग्रामीण स्तर पर नई मार्किट बनाने, मार्केट के दिव्यांग किरायेदारों से शुल्क नहीं लेने, कांवड यात्रा में व्यवस्था पर हुए 72 लाख रुपये के खर्च की स्वीकृति, दुकानों में नाम परिवर्तन शुल्क में वृद्धि के प्रस्ताव शामिल हैं। इसके साथ ही शासन द्वारा पांच गांवों कुरथल, कुरावा, अलीपुर अटेरना, भोपा और फुगाना में स्वीकृत अमृत सरोवर के निर्माण पर दो करोड 29 लाख 54 हजार रुपये का बजट खर्च करने की स्वीकृति भी बोर्ड ने प्रदान कर दी है।