बाराबंकी में हुई ‘राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस’ की जनपद स्तरीय शिक्षक प्रशिक्षण कार्यशाला

परिवेश से जुड़ी समस्याओं के निदान के प्रति किया जागरुक

 
बाराबंकी

  • रिपोर्टः कपिल सिंह

बाराबंकी। बच्चों में वैज्ञानिक सोच विकसित करके अपने आस पास के परिवेश से जुड़ी छोटी छोटी समस्याओं के निदान की ओर अग्रसर करना ही राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस का मुख्य उद्देश्य है। स्वयं समस्या से समाधान की और वैज्ञानिक कार्यविधि के साथ चरणबद्ध ढंग से बढ़ना विद्यार्थियों को विज्ञान से सहज ढंग से जोड़ता है। दरअसल ये बात देश के प्रसिद्ध वैज्ञानिक डॉ चंद्र मोहन नौटियाल ने राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस की जनपद स्तरीय शिक्षक प्रशिक्षण कार्यशाला में ऑनलाइन जुड़ कर व्यक्त की। इसके पूर्व इस फाउंडेशन स्कूल में आयोजित कार्यशाला का उद्घाटन जिला विद्यालय निरीक्षक ओपी त्रिपाठी ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन से किया।

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जिला विद्यालय निरीक्षक ओपी त्रिपाठी ने इस अवसर पर कहा कि चिल्ड्रेन साइंस कांग्रेस का मुख्य विषय भी कहीं न कहीं सतत विकास की अवधारणा से जुड़ा है। विकास के लिए प्रकृति से हम जो कुछ भी लेते हैं। उसको हम किसी भी रूप में वापस भी करें तभी सतत विकास की बात हम कर सकते हैं। इसके साथ ही उन्होने विज्ञान से जुड़े तथ्यों को रोचक ढंग से बताकर कार्यशाला में महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान की।

कार्यक्रम में जिला समन्वयक अजय कुमार मिश्र ने राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के संबंध में विस्तृत परिचय देते हुए इसके उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। अंबेडकर से निरंजन लाल ने इस वर्ष के मुख्य विषय "स्वास्थ्य एवम कल्याण के लिए पारितन्त्र को समझना" पर प्रोजेक्ट तैयार करने संबंधी जानकारी प्रदान की। रसायन विज्ञान प्रवक्ता ताजुद्दीन खान ने अपने पारितंत्र को समझना और स्वास्थ्य ,पोषण एवं कल्याण को प्रोत्साहन देना उप विषयों पर प्रोजेक्ट से जुड़ी जानकारियां प्रदान की। जिला विज्ञान क्लब समन्वयक एवं एकेडमिक कोऑर्डिनेटर आशीष पाठक ने कार्यक्रम का संचालन किया। पारितंत्र और स्वास्थ्य के लिए तकनीकी नवाचार, स्वास्थ्य के लिए सामाजिक और सांस्कृतिक प्रथाएं उप विषयों पर प्रोजेक्ट बनाने के शीर्षकों की जानकारी दी।

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स्कूल में आयोजित इस कार्यशाला में बेसिक शिक्षा विभाग से जिला समन्वयक प्रशिक्षण विनीता मिश्रा, रामनगर पीजी कालेज के पूर्व प्राचार्य नरेश चंद्र त्रिपाठी ने ऑनलाइन कार्यक्रम की होस्टिंग की। राज्य शिक्षक पुरस्कार विजेता शिक्षक दिनेश वर्मा, अरुण कुमार वर्मा, बाबा गुरुकुल एकेडेमी के प्रबंधक हरपाल सिंह, जिला आयोजन समिति के सचिव शैलेंद्र सिंह, चंद्रशेखर कांडपाल, राजीव श्रीवास्तव, जीआईसी सूरतगंज के प्रधानाचार्य डॉ अजय कुमार वर्मा, जीआईसी सिरौलीगौसपुर प्रधानाचार्य डॉ विजय कृष्ण यादव अनेक शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रही। कार्यशाला में कुल 291 शिक्षकों ने प्रतिभाग किया। विद्यालय की प्रबंधक मंजू मिश्रा एवं प्रधानाचार्य नीता मिश्रा ने अतिथियों को पौधा भेंटकर उनके प्रति आभार व्यक्त किया।