दिल्ली में सिंगल मदर के आधार पर जाति प्रमाण-पत्र जारी किए जाने की नई शुरूआत

 
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दिल्ली सरकार ने एक अहम पहल शुरू की है। अब तक केवल पिता के आधार पर ही अनुसूचित जाति एवं जन जाति के बच्चों को प्रमाण-पत्र जारी होता था, लेकिन अब नई व्यवस्था के तहत सिंगल मदर यानि ऐसी मां के बच्चों को भी जाति प्रमाण-पत्र जारी होगा, जिसके पिता नहीं है। मतलब ऐसी महिलाएं जिन्हें उनके पति द्वारा छोड़ दिया जाता है। तलाक दे दिया जाता है या फिर दूसरी शादी कर ली जाती है। यानि दिल्ली में अब मां के आधार पर बच्चों के प्रमाण पत्र बनने शुरू हो गए हैं। पहले बच्चों के जाति प्रमाण पत्र बनने के लिए पिता का प्रमाण पत्र लगना अनिवार्य था। अब सिंगल मदर्स को अपने बच्चों के प्रमाण पत्र बनवाने के लिए काफी हद तक परेशानी से मुक्ति मिलेगी। रेखा नामक महिला ने बताया कि वो एक सिंगल मदर है। अब प्रक्रिया बहुत आसान हो गई है, इससे उनकी बच्ची को सरकार की सभी सुविधाएं मिलेंगी।

आपको बता दें कि दिल्ली में सिंगल मदर के नाम से भी बच्चों का जाति प्रमाण पत्र बनाए जाने की शुरुआत दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बीते मंगलवार को कर दी थी। जिसमें उन्होंने करोल बाग निवासी एक सिंगल मदर गीता देवी को एससी-एसटी जाति प्रमाण पत्र सौंप कर की थी। दिल्ली में पहली बार बच्चों को उनकी माता के प्रमाण पत्र के आधार पर अनूसूचित जाति-जनजाति के प्रमाण पत्र दिया गया है।