‘आधे अधूरे’ नाटक का हुआ मंचन, दर्शकों ने की काफी सराहना

नाटक में विजय कुमार ने निभाई सभी पुरुष पात्रों की भूमिका

 
मुंबई

  • रिपोर्टः अमरनाथ

मुंबई। जिन नाटकों का पूरे भारतवर्ष में सबसे ज्यादा मंचन किया गया है उन नाटकों में से एक नाटक है आधे अधूरे जिसे मोहन राकेश ने लिखा है अब तक अलग-अलग निर्देशकों ने इसे अपने अपने तरीके से मंचित किया है। लेकिन जब जब इसका मंचन किया गया इसकी प्रासंगिकता हर बार नजर आईहाल ही में नाट्यकर्मी विजय कुमार ने अपने ग्रुप 'मंच' के तत्वाधान में इसका निर्देशन किया जिसका मंचन 20 सितंबर को वर्ली के नेहरू सेंटर ऑडिटोरियम मुंबई में किया गयाइस दौरान दर्शकों ने इस नाटक को काफी सराहा,

नाटक की कहानी एक मध्यमवर्गीय परिवार के इर्द गिर्द घूमती हैनाटक परिवार की आंतरिक कलह और उलझते रिश्तों के साथ-साथ समाज में स्त्री पुरुष के बीच बदलते परिवेश और एक दूसरे से दोनों की अपेक्षाओं को चित्र करता है। इस नाटक की कहानी महेंद्रनाथ और सावित्री के इर्द गिर्द घूमती हैजो इस नाटक के मुख्य पात्र हैं।

नाटक में सभी पुरुष पात्रों की भूमिकाएं विजय कुमार ने निभाई है, महेंद्र, सिंहानिया, जुनेजा और जगमोहन की भूमिका में लोगों ने उनको खूब सराहा, सावित्री की भूमिका में गीता त्यागी ने मानो जान ही डाल दी, बड़ी बेटी विन्नी की भूमिका जेबा अंजुम, छोटी बेटी की भूमिका वाणी शर्मा और बेटे अशोक की भूमिका में आशुतोष खरे खूब जंचे, वहीं नाटक को संगीत वापी भट्टाचार्य ने दिया।