मुजफ्फरनगरः स्वास्थ्य शिविर में श्रीराम कॉलेज की 150 छात्राओं और 53 अध्यापिकाओं ने कराई जांच

शिविर में अध्यापिकाओं और छात्राओं को स्वास्थ्य के प्रति किया जागरूक

 
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  • रिपोर्टः गोपी सैनी

मुजफ्फरनगर। श्रीराम कॉलेज के आंतरिक शिकायत प्रकोष्ठ द्वारा श्रीराम समूह में कार्यरत अध्यापिकाओं, महिला सदस्यों और छात्राओं के लिए एक विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य अध्यापिकाओं और छात्राओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ शारीरिक समस्याओं के प्रति सचेत करना था। स्वास्थ्य शिविर में इवान हॉस्पिटल की महिला रोग विशेषज्ञ डॉक्टर कोमल राठौर और ममता चावला द्वारा निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण कर परामर्श दिया गया।

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कार्यक्रम का शुभारंभ श्रीराम कॉलेज की प्राचार्या प्रेरणा मित्तल, स्त्री रोग विशेषज्ञ कोमल राठौर और ममता चावला आंतरिक शिकायत प्रकोष्ठ की समंवयक पूजा तोमर, ललित कला विभाग की विभागाध्यक्ष रूपल मलिक द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। कोमल राठौर द्वारा छात्राओं, अध्यापिकाओं और महिला कर्मचारियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के निवारण के लिए आवश्यक परामर्श देते हुए उन्हे भविष्य में होने वाली शारीरिक समस्याओं के प्रति सचेत किया।

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स्वास्थ्य शिविर में सभी संकायो की लगभग 150 छात्राओं और 53 अध्यापिकाओं ने अपने स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के संबंध में महिला रोग विशेषज्ञ चिकित्सकों से जॉच एवं उपचार कराया गया। इस अवसर पर श्रीराम कॉलेज की प्राचार्य प्रेरणा मित्तल ने कहा कि छात्राओं में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता लाने और पूरी तरह से निःशुल्क चिकित्सा जांच प्रदान करने के उद्देश्य से ये स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि आजकल के खान-पान एवं रहन-सहन की वजह से किशोरियों को स्वास्थ्य संबंधी बहुत सी समस्याओं का सामना करना पड रहा है। ऐसी छात्राएं जो आर्थिक रूप से कमजोर है. और जिनके पास बुनियादी स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंचने का भी साधन नहीं है। उनके लिए इस प्रकार के शिविर बहुत उपयोगी साबित होते है। छात्राएं अकसर अपनी शारीरिक समस्याओं को संकोच के कारण किसी के साथ साझा नहीं कर पाती है। ऐसे शिविरों में योग्य चिकित्सकों से अपनी समस्या के बारे में बताकर उचित समाधान प्राप्त हो जाता है।

श्रीराम कॉलेज की आईसीसी की समन्वयक पूजा तोमर ने कहा कि पारिवारिक जिम्मेदारियों की वजह से महिलाएं अपने स्वास्थ्य को नजरअंदाज करती हैंजिससे वे हाई ब्लड प्रेशर, डिप्रेशन जैसी बीमारियों की शिकार हो जाती हैं। इसके लिए जागरूकता के साथ-साथ सही समय पर उनकी स्वास्थ्य समस्याओं का निदान और उपचार जरूरी है। उन्होने सभी छात्राओं से कहा कि वे अपने स्वास्थ्य को लेकर भविष्य में सचेत रहेंगी।