विश्व तम्बाकू निषेध दिवस के अवसर पर डीआईजी ने आजीवन नशा न करने का कराया सामूहिक संकल्प

पुलिस उपमहानिरीक्षक (सहकारिता) अखिलेश निगम ने आयोजित कार्यक्रम में कहा कि नशा नाश की पहली सीढ़ी है।
 
tambaku nishedh divas

  • अमित सैनी, प्रधान संपादक

लखनऊ। विश्व तम्बाकू निषेध दिवस के अवसर पर मंगलवार को पुलिस मुख्यालय में पुलिस उपमहानिरीक्षक (सहकारिता) अखिलेश निगम द्वारा सहकारिता प्रकोष्ठ मुख्यालय एवं सेक्टर के अधिकारियों/कर्मचारियों का सम्मेलन बुलाया गया, जिसमें उन्होंने धूम्रपान, तंबाकू एवं पान मसाला सेवन करने के शारीरिक और मानसिक दुष्प्रभाव को बताते हुए उपस्थित कर्मचारियों से इसका सेवन न करने की अपील की। उन्होंने ये भी कहा कि नशा नाश की पहली सीढ़ी है और ये केवल व्यक्ति को नहीं वरन् संपूर्ण परिवार पर बड़ा बुरा प्रभाव डालता है। तम्बाकू में पड़े घातक रसायन व्यक्ति को शारीरिक और मानसिक रूप से खोखला कर देते हैं। 
डीआईजी ने कार्यालय में किसी भी प्रकार की नशीली वस्तु का सेवन करते पाए जाने पर कठोर कार्रवाही करने की चेतावनी भी दी। उनके द्वारा आह्वान किया गया कि भारत सरकार निरंतर नशामुक्ति हेतु अभियान चला रही है, जिसमें समाज के प्रत्येक वर्ग को आगे आकर नशामुक्ति के इस संकल्प अभियान से जुड़कर एक स्वस्थ समाज को नया आकार देना चाहिए। ताकि भविष्य में हम अपने नौनिहालों को एक नशामुक्त भारत का उपहार दे सके। इस अवसर पर उपस्थित स्टाफ ने आजीवन नशा न करने का सामूहिक संकल्प भी लिया और कार्यालय परिसर को सदैव साफ-सुथरा रखने हेतु वचनबद्ध हुए।