मुजफ्फरनगरः सुनसान सड़क पर नवजात की किलकारियों से गूंज उठी 108 एंबूलेंस

काम आई एंबूलेंस कर्मियों की सूझ-बूझ, बीच रास्ते में ही कराई गर्भवती की सफल डिलीवरी
 
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मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश में संचालित 108 एंबुलेंस में अल-सुबह के करीब साढ़े तीन बजे एक बार फिर नवजात की किलकारी गूंज उठी। अस्पताल ले जाते वक्त अचानक बढ़ी प्रसव पीड़ा के बीच एंबुलेंस कर्मियों ने बीच रास्ते में ही डिलीवरी कराई, जिसकी वजह से जच्चा और बच्चा दोनों सुरक्षित बच गए। जिसके लिए परिजनों ने एंबुलेंस कर्मियों का आभार जताते हुए उनके इस कार्य की सराहना की।

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दरअसल, मंगलवार रात चरथावल इलाके के गांव बिरालसी निवासी अंजू (33) पत्नी जय भगवान को प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने आशा द्वारा 108 एम्बुलेंस बुलाई। एंबुलेंस गर्भवती को लेकर अस्पताल जा रही थी कि बीच रास्ते में प्रसव पीड़ा बढ़ गई। जिसके बाद एम्बुंलेंस कर्मचारी ईएमटी दीपक कुमार ने अपने पायलट से एंबुलेस को सड़क किनारे लगाने को कहा। एंबुलेंस को सड़क किनारे खड़ी करवाने के बाद ईएमटी दीपक कुमार ने अपनी सूझबूझ से महिला की एंबुलेंस में ही   डिलीवरी किट की मदद से सुरक्षित प्रसव कराया। दीपक की सूझबूझ से सुनसान रास्ते के बीच खड़ी एंबूलेंस नवजात की किलकारियों से गूंज उठी। परिजन एंबूलेंस कर्मियों का ये कार्य देख खुश हुए और उनका आभार जताया।

rajesh ranjan

'मुजफ्फरनगर जिले में इससे पहले भी कई बार एंबुलेंस में सुरक्षित प्रसव कराए जा चुके हैं। इस तरह के सराहनीय कार्य के लिए संस्था की तरफ से कर्मचारियों को सम्मानित भी किया जाता है। हम लोग सेवा को और बेहतर बनाने के लिए दिन रात तत्पर है। इसके लिए समय-समय पर ईएमटी की ट्रेनिंग की व्यवस्था की जाती है।' -राजेश रंजन, प्रोग्राम मैनेजर, 102/108 एंबु्लेंस सेवा, मुजफ्फरनगर