राम नगरी में राम मंदिर के लिए शिला पूजन को 2 साल हुए पूरे, 2020 में पीएम मोदी ने रखी थी आधार शिला

मंदिर निर्माण का करीब 30 प्रतिशत कार्य हो चुका संपन्न

 
अयोध्या

  • रिपोर्टः शंकर श्रीवास्तव

अयोध्या। राम नगरी में राम मंदिर निर्माण के शिला पूजन को 2 वर्ष पूरे हो गए है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 अगस्त 2020 में राम मंदिर निर्माण की आधारशिला रखी थी। 2 वर्षों में नीव भरने के बाद गर्भ गृह के निर्माण में तेजी आ गई है। 2024 में राम भक्त रामलला के मंदिर के गर्भगृह में दर्शन करेंगे। शिला पूजन के 2 साल पूरे होने पर मंदिर परिसर में विशेष पूजा और अनुष्ठान का आयोजन किया है। मंदिर निर्माण का 30 प्रतिशत कार्य संपन्न हो चुका है। मंदिर का चबूतरा लगभग पूरा हो गया है। इसके साथ ही गर्भगृह स्थल पर तराशे गए पत्थर लगाए जा रहे है। निर्माण स्थल पर 3 दिशाओं में 6 मीटर ऊंची रिटेनिंग वॉल बनकर तैयार हो गई है।

शिला पूजन के बाद इन 2 वर्षों में चौंकाने वाली बात यह है की तमाम जतन करने के बाद भी देश की बड़ी आबादी कोरोना संक्रमण की शिकार हो गई। साल 2021 के अप्रैल-मई जून महीने में जब देश के हर राज्य और शहर में इस बीमारी ने मौत का तांडव मचा रखा था। उस समय भी मंदिर का निर्माण कार्य जारी था और यहां काम करने वाले सैकड़ों तकनीकी विशेषज्ञों और श्रमिकों को ये बीमारी छू भी नहीं पाई। राम भक्तों की मानें तो ये रामलला की कृपा ही है कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण में कोई अड़चन नहीं आई।  

बता दें कि देश के अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग शहरों में कई खूबसूरत मंदिरों के मॉडल बना चुके गुजरात के अहमदाबाद के सोमपुरा परिवार ने अयोध्या के राम मंदिर का मॉडल बनाया है। साल 1987 में विश्व हिंदू परिषद ने चंद्रकांत सोमपुरा से संपर्क कर उन्हें मंदिर का मॉडल बनाने के लिए कहा था। हालांकि इस वक्त चंद्रकांत सोमपुरा की उम्र 80 वर्ष से अधिक है और अब उनके दो बेटे निखिल सोमपुरा और आशीष सोमपुरा इस काम को पूरी जिम्मेदारी से निभा रहे हैं।