बुरी ख़बरः सीमा पर शहीद हुआ मुजफ्फरनगर का लाल अंकित चौधरी

नक्सली हमले में लगी थी कई गोलियां, उपचार के दौरान तोड़ा दम, परिवार में मचा कोहराम
 
 
Fauzi Ankit Chaudhary
मुजफ्फरनगर। नगर पालिका के पूर्व सभासद प्रमोद बालियान उर्फ प्रमोद रेत्ते वाला का एसएसबी जवान बेटा अंकित चौधरी शहीद हो गया है। वो असम के कोकराझार में हुए हमले में शहीद हुआ। अंकित के शहीद होने की खबर जैसे ही परिवार को मिली तो घर में कोहराम मच गया। देर रात परिवार को अंकित को कई गोलियां लगने की सूचना मिली थी, जिसके बाद अस्पताल में जवान ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। जैसे ही ये खबर परिजनों को लगी, परिजनों में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। 
शहर के कृष्णापुरी का रहने वाला था जवान
दरअसल, मुजफ्फरनगर की नगर पालिका के पूर्व सभासद प्रमोद रेत्ता वाले निवासी द. कृष्णापुरी का 30 वर्षीय बेटा अंकित चौधरी असम के कोकराझार जिले में भारत-भूटान सीमा के समीप शस्त्र सीमा बल में पोस्टेड था। देर सायं परिवार के लोगों को जानकारी मिली थी कि एक हमले में अंकित चौधरी को कई गोली लगी हैं। जिसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। 

Fauzi Ankit Chaudhary

अंकित ने अस्पताल में तोड़ा दम
भारतीय फौज के जाबांज जवान अंकित को अस्पताल में आइसीयू में भर्ती कराया गया था। लेकिन देर रात कोकराझार से अंकित के शहीद होने की खबर आई। बताया जाता है कि अंकित ने उचार के दौरान दम तोड़ दिया। हालांकि चिकित्सकों ने उसे बचाने के लिए भरसक कोशिश की, लेकिन वो कामयाब नहीं हो सका। शायद होनी को कुछ और ही मंजूर था।
2013 में भर्ती हुआ था अंकित
बड़े भाई मोनू के मुताबिक अंकित चौधरी साल 2013 में एसएसबी में सिलेक्ट हुआ था। कई पोस्टिंग के बाद उसे कोकराझार भेज दिया गया था। बताया कि इस बारे में पूरी जानकारी नहीं मिल रही है कि हमला किसने किया। 
नक्सली हमले में लगी थी गोलियां?
सूत्रो की माने तो भारत-भूटान सीमा के समीप नक्सली हमले में अंकित को गोलियां लगी हैं। हांलाकि अभी तक इस हमले के संबंध में कोई भी अधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। परिवार के लोगों का कहना है कि उन्हें सिर्फ अंकित के गोलियां लगने की जानकारी दी गई। जिसके बाद उसके देहांत की खबर आई। अंकित का शव शुक्रवार सायं तक दिल्ली और वहां से देर रात पैतृक आवास पर आने की उम्मीद है। अंकित के परिवार में पत्नी के अलावा 6 और डेढ वर्षीय दो बेटियां हैं।