Assembly Election 2022 Date Live: रैलियों और रोड शो पर लगाई चुनाव आयोग ने रोक, पद यात्रा भी नहीं कर सकते उम्मीदवार

चुनाव आयोग ने कहा कि ज्यादा से ज्यादा वर्चुअल प्रचार करें राजनीतिक पार्टियां और कंडीडेट
 
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  • रिपोर्टः अमित सैनी, प्रधान संपादक

दिल्ली। कोरोना प्रोटोकॉल के तहत ही विधानसभा चुनाव होंगे। 

रोड शो और रैलियों से लेकर पद यात्रा तक लगी रोक
चुनाव आयोग ने 15 जनवरी तक रोड शो, रैली, साइकिल रैली पद यात्रा तक रोक पूर्ण रुप से रोक लगा दी है। चुनाव आयोग का कहना है कि आगामी 15 जनवरी के बाद पर इस विषय पर विचार किया जाएगा। चुनाव आयोग के इस निर्देश के बाद सभी राजनेताओं और राजनैतिक पार्टियों की पूर्व नियोजित तमाम रैलियों और पद यात्राओं को रद्द करना पड़ेगा।

एक घंटे बढ़ा मतदान का वक्त
जैसा कि पहली प्रेस कांफ्रेस के दौरान चुनाव आयोग ने कहा था कि इस बार विधानसभा चुनाव में एक घंटे का वक्त बढ़ाया जाएगा। इस बार फिर से अपनी बात दोहराते हुए चुनाव आयोग ने कहा कि मतदान के लिए समय को एक घंटा बढ़ा दिया गया है। जिसके पीछे कोरोना को वजह बताया गया है। हालांकि चुनाव के समय की घोषणा अधिसूचना जारी करने के वक्त की जाएगी। 

वोटिंग फीसदी बढ़ाने का है लक्ष्य
मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्र ने जानकारी देते हुए कहा कि मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट लागू हो गया है। चुनाव आयोग के अनुसार पहली बार वोट डालने वालों को वोटर गाइड भी मिलेगी। आयोग उनको निजी तौर पर चिट्ठी भी देगा। कम वोटिंग प्रतिशत वाले बूथों पर स्वीप एक्टिविटीज से इसे बढ़ाया जाएगा। इतना ही नहीं चुनाव आयोग ने कहा है कि 60 से 70 फीसद वोटिंग संतोषजनक नहीं है। इसे 90 फीसदी से ज्यादा करना ही आयोग का लक्ष्य है।

बढ़ाया गया चुनावी खर्च
पिछले चुनावों की अपेक्षा इस बार चुनाव खर्च बढ़ा दिया गया है। राज्यों के दर्जे के मुताबिक विधायक उम्मीदवार 28 लाख से 40 लाख रुपये चुनाव में खर्च सकता है। आयकर, डीआरआई, रेलवे समेत कई एजेंसियों और संस्थानों को अलर्ट किया गया है कि नशीले पदार्थ, शराब, काला धन या अन्य फोकट में बांटने की चीजें लाने और ले जाने वालों पर कड़ी निगाह रखें। 

एप के जरिए कोई भी कर सकता है शिकायत

चुनाव आयोग ने सुविधा एप भी बनाया है। जिसके जरिए राजनीतिक दल सीधे आयोग को संपर्क कर सकते हैं। चुनाव आयोग का कहना है कि Cvigil  एप जनभागीदारी के लिए बनाया गया है। आम जनता का कोई भी व्यक्ति इसे डाउनलोड कर एमसीसी का कोई भी उल्लंघन का वीडीओ, ऑडियो या सबूत अपलोड कर सकते हैं। शिकायतकर्ता का नाम और पता गोपनीय रखते हुए आरोपी कंडीडेट और पार्टी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

कोरोना पॉजिटिव से वोट डलवाने उसके घर खुद जाएगा आयोग
इस प्रेस कांफ्रेस में चुनाव आयोग ने एक अहम घोषणा ये भी की है कि कोविड प्रभावित या कोविड संदिग्ध के घर वीडीओ टीम के साथ आयोग की टीम विशेष वैन से जाएगी और वोट डलवा कर आएगी। इन्हें बैलेट पेपर से वोट डालने का अधिकार मिलेगा।

दिव्यागों के लिए होगा विशेष प्रबंध
चुनाव आयोग ने कहा कि सभी बूथ पर पुरुष और महिला सुरक्षाकर्मी तैनात होंगे। हर बूथ पर दिव्यांगों के लिए विशेष इंतजाम होंगे। साथ ही वॉलेंटियर उनकी मदद करेंगे। इसके साथ ही व्हील चेयर भी हर बूथ पर उपलब्ध होगी।

अपराधी किस्म के उम्मीदवारों को देना होगा विज्ञापन
चुनाव आयोग ने ये भी स्पष्ट किया है कि अपराधिक पृष्ठ भूमि के उम्मीदवारों को अखबार, टीवी, अन्य मीडिया और वेबसाइट के होम पेज पर तीन बार अलग अलग चरणों पर तमाम जानकारी सार्वजनिक करनी होगी। आयोग का कहना है कि जनता को ये पता होना चाहिए कि उनके उम्मीदवार कैसे हैं?

संवेदनशील बूथों पर पूरे दिन होगी वीडियोग्राफी
आयोग ने ये भी स्पष्ट किया कि संवेदनशील बूथों पर दिन भर वीडीयोग्राफी होगी। पांचों राज्यों में एक लाख से ज्यादा बूथों पर लाइव वेबकास्ट होगा। ऑब्जर्वर भी ज्यादा संख्या में तैनात रहेंगे।

बुजुर्गों को मिलेगी ये खास सुविधा
चुनाव आयोग के मुताबिक इस बार 1250 मतदाताओं पर एक बूथ बनाया गया है। पिछले चुनाव की तुलना में 16 फीसदी बूथ बढ़ गए हैं। 1620 बूथ को महिला पोलिंगकर्मी मैनेज करेंगी। 900 आब्जर्बर चुनाव पर नजर रखेंगे। चुनाव आयोग ने सरकारी कर्मचारियों के अलावा 80 साल से ज्यादा उम्र के नागरिकों, दिव्यांगों और कोविड प्रभावित लोगों के लिए पोस्टल बैलेट की व्यवस्था की है।

5 राज्यों में 18.34 करोड़ मतदाता करेंगे मतदान

मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुशील चंद्र ने कहा कि इस बार पांच राज्यों के चुनाव में कुल 18.34 करोड़ मतदाता हैं। इनमें सर्विस मतदाता भी शामिल हैं। इनमें से 8.55 करोड़ महिला मतदाता हैं। कुल 24.9 लाख मतदाता पहली बार वोट डालेंगे। इनमें से 11.4 लाख लड़कियां पहली बार वोटर बनीं हैं। सभी बूथ ग्राउंड फ्लोर पर होंगे, ताकि लोगों को सुविधा हो। बूथ पर सैनिटाइजर और मास्क उपलब्ध होंगे।

कोविड सेफ चुनाव कराना प्राथमिकता :आयोग
मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुशील चंद्र ने कहा कि चुनाव आयोग ने 3 लक्ष्यों पर काम किया है। ये लक्ष्य हैं कोविड-19 सेफ इलेक्शन, आसान इलेक्शन और मतदाताओं की ज्यादा से ज्यादा भागीदारी।

690 विधानसभा में होगा चुनाव

मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुशील चंद्र ने कहा है कि इस बार 5 राज्यों की 690 विधानसभा क्षेत्रों के लिए चुनाव होंगे. उन्होंने कहा कि कोविड सेफ इलेक्शन कराना चुनाव आयोग का उद्देश्य है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि कोरोना काल में चुनाव कराना चुनौती पूर्ण है।